आंखों के सामने खेत में पक कर तैयार गेहूं की फसलों को जलता देख किसानों की आंखें भर आईं। एक सप्ताह पहले बारिश और तीन महीने छुट्टा पशुओं से फसल बचा कर रखने के बाद जब खेत में आग लगी तो किसान बदहवास हो गए। किसान बलवंत यादव, अनिल विश्वकर्मा, मुकेश, पप्पू सिंह, अजीत प्रताप ने कहा कि गेहूं की बुआई के साथ ही फसल बचान के लिए दिन रात खेतों में रखवाली की गयी। एक सप्ताह पहले बारिश से पैदावार भी प्रभावित हुई। घर में गेहूं आने की उम्मीद बनी थी, लेकिन आग ने सामने आया हुआ निवाला छीन लिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अर्न्तयामी सिंह ने प्रशासन से कंबाइन मशीनों के साथ भूसा बनाने वाले मशीनों को चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खेत में पड़े डंठल से आग लगने की संभावना प्रबल हो जा रही है। ऐसे में प्रशासन कंबाइन के साथ रीपर चलाने की अनुमति दे, ताकि लोग खेतों में रहकर जल्द से जल्द गेहूं और भूसा बनाने का कार्य करा सके। खेत में डंठल छोड़ने से कई जगहों पर आग लग जा रहा।