देवरिया। जिले में मेडिकल कॉलेज का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार के प्रस्ताव के केंद्र की भी मंजूरी मिल गई है। सभी बाधाएं दूर होने के बाद अब इसके शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त में जिला अस्पताल परिसर में ही मेडिकल कॉलेज की नींव रखी जाएगी। कोशिश है कि शिलान्यास का कार्य 15 अगस्त से पूर्व हो जाए, जिससे इस बार लोग दोगुने उत्साह से स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना सकें।
बिहार सीमा पर स्थित इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिले की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा हुई थी। करीब तीन वर्षों से यह प्रक्रिया कागजों में ही अटकी रही। बीते तीन अप्रैल को लबकनी में स्कूल चलो और दस्तक टीकाकरण अभियान के शुभारंभ में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद इसे गति मिली। पहले मेडिकल कॉलेज के लिए उसरा बाजार में भूमि का प्रस्ताव हुआ, मगर बाद में जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल को समाहित करते हुए इसी परिसर में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसमें भी काफी दिनों तक जमीन को लेकर पेंच फंसा रहा। राजस्व रिकॉर्ड में स्वास्थ्य विभाग की बजाए सरकार बहादुर के नाम ही भूमि होने के कारण अफसरों को काफी माथापच्ची करनी पड़ी। तमाम जद्दोजहद के बाद सारी कमियां दूर कर जून में प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजा गया था। इस पर केंद्र से भी सहमति मिल गई है। प्रशासन को शीघ्र ही शिलान्यास के लिए तैयारियों को कहा गया है।
सलेमपुर लोस क्षेत्र की खारिज हुई आपत्ति
देवरिया में मेडिकल कॉलेज को लेकर ऐन वक्त पर आपत्ति जता दी गई थी। बलिया के भी लोगों को लाभ देने के लिए इसे देवरिया की बजाए सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित करने की मांग बलिया सांसद ने की थी। उनका तर्क था कि सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में तीन विधानसभा क्षेत्र बलिया का भी है। लिहाजा वहां मेडिकल कॉलेज बनेगा तो दोनों जिलों को लाभ होगा। शासन ने इस पर दोनों जिलों के डीएम और सीएमओ से आख्या मांगी। मगर सलेमपुर लोस क्षेत्र में कहीं भी 200 बेड का अस्पताल नहीं होने के कारण वहां का दावा खारिज हो गया था। बताते हैं कि इसमें सदर सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने अहम रोल निभाया। उन्होंने पूरी दमदारी से देवरिया की पैरवी की।
जिले में मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार ने पहले ही स्वीकृत कर दिया था। अब केंद्र की भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसका शिलान्यास संभव है। अगस्त के प्रथम पखवाड़े में तिथि देखी जा रही है। शासन स्तर से इसे शीघ्र ही फाइनल कर दिया जाएगा।
- सुजीत कुमार, जिलाधिकारी।