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कभी भी राप्ती नदी में विलीन हो सकते हैं 50 घर

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कभी भी राप्ती नदी में विलीन हो सकते हैं 50 घर
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रुद्रपुर (देवरिया)। नकइल ग्रामसभा के तलसपुरवा टोले में एक सप्ताह से राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां नदी और बंधे के बीच बने घर कटकर नदी में विलीन हो रहे हैं। कटान से 50 परिवारों के बेघर होने का खतरा है।
नकइल-तलसपुरवा बांध के बीच करीब 50 परिवार मकान बनाकर रहते हैं। कटान की जद में आए मकान धंस रहे हैं। नदीं के किनारे बसे गांव में अड़ार टूट कर गिरने लगा। एक सप्ताह पहले प्रभुनाथ निषाद की 50 साल पुराना मकान अचानक धंस गया। आधे से अधिक मकान कट कर नदी मे गिर गई है। अब तक करीब एक दर्जन घर कटान की जद में आ चुके हैं। 500 की आबादी वाले तलसपुरवा टोले पर कटान से लोग दहशत में हैं। गांव के रामबेलास, उमानाथ, वृद्धि, बंशी यादव, चिखुरी, धनई, केदार, कोलाहल, ईश्वर साहनी, विश्वनाथ साहनी, रामचंद्र गुप्ता, श्रवण यादव, रामगोविंद और नेता साहनी का मकान नदी में विलीन होने के कगार पर है।
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आंख के सामने मिट रहा आशियाना
गांव की बुच्ची देवी ने कहा कि यहां पांच सौ लोगों का जीवन खतरे में पड़ा है। एक सप्ताह से गांव को नदी छोटा कर रही, लेकिन अब तक हाल जानने कोई नहीं आया। प्रभुनाथ साहनी ने कहा कि उनकी पुरखों की बनाई मकान कट कर नदी में गिर गई। बांध और नदी के बीच कुछ बचने वाला नहीं है। गांव को बचाने में कोई रुचि नहीं ले रहा है। विनोद साहनी ने कहा कि गांव के सभी लोग सदमे में हैं। इसी तरह कटान होती रही तो एक माह में गांव का नामोनिशान मिट जाएगा। गांव को बचाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। रीता देवी ने कहा कि आंख के सामने आशियाना उजड़ता देख कलेजा फट रहा है।
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एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रशासन क्षति का जायजा लेकर नियमानुसार मकानों की क्षतिपूर्ति देगा। कटान की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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