देवरिया। कांग्रेसी नेता के आत्महत्या के बाद मिले सुसाइड नोट के आधार पर भाजपा नेता पर जो आरोप लगा है, वह एक सोची समझी साजिश है। भाजपा नेताओं ने एसपी राजीव मल्होत्रा से पूरे प्रकरण का निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
चार दिन पूर्व बांस देवरिया गांव निवासी कांग्रेस पार्टी के नेता व मुर्गा व्यवसायी परवेज अहमद ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। घटना स्थल से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया। इसमें भाजपा नेता रविपाल को दोषी बताया गया था। इस आधार पर घर वालों ने भाजपा नेता पर केस दर्ज किया। दो राजनीतिक पार्टियों से जुड़ा मामला होने के कारण दोनों पार्टी के नेता आमने-सामने हो गए। जिला महामंत्री कृष्णनाथ राय ने सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए साजिश के तहत भाजपा नेता पर केस दर्ज करने का आरोप पुलिस पर लगाया। उन्होने कहा कि रविपाल और परवेज के बीच कोई जातीय दुश्मनी नहीं थी। वैचारिक मतभेद के कारण राजनीतिक विरोध रहता था। लेकिन इस मामले में को बेवजह कुछ लोग तुल दिए है और फर्जी तरीके से भाजपा नेता को फंसाया गया है। एसपी से मामले की जांच कराने की गुजारिश की है।