देवरिया। ईंट निर्माता समिति ने इन्वायरमेंट क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। इसके लागू करने के विरोध में प्रदर्शन किया। कहा कि मैत्रेय परियोजना के नाम पर चिमनी पर रोक गलत है। इसके अलावा जीएसटी में शामिल करने को कहा। सीएम को संबोधित मांगपत्र एडीएम प्रशासन को दिया।
जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित ईंट भट्ठा के मालिकों की जुटान कलेक्ट्रेट परिसर में हुई। यहां पर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। मांगपत्र में कहा गया है कि जीएसटी में समाधान योजना में शामिल करें। कुशीनगर के मैत्रेय परियोजना के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि इसके चलते ईंट भट्ठा का संचलन ठप हो रहा है। सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ईंट पथाई को गैर खनन बताया गया है। सीमेंट, फ्लाईएश, ब्रिक्स और इंटरलॉकिंग टाइल्स के कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। फ्लाईएश ईंट से निर्मित मकानों में रहने वाले लोग कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। संबंधित महकमों के अफसर गुमराह करने में जुटे हैं। प्रतिनिधिमंडल में मुक्तिनाथ त्रिपाठी, नागेंद्र सिंह, अनिरूद्ध राव, जयप्रकाश राव, संदीप सिंह, श्रीप्रकाश तिवारी, कमलेश सिंह, विजय बहादुर सिंह आदि रहे।