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रुद्रपुर में बाढ़ की विनाशलीला शुरू

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रुद्रपुर। बाढ़ प्रभावित दोआबा के 52 गांवों पर मंगलवार की सुबह राप्ती और गोर्रा नदी का कहर टूट पड़ा। सुबह आठ बजे बेलवा के पास जमींदारी बांध कट गया। इस कारण पूरे दोआबा में कोहराम मचा है। गोरखपुर की सीमा पर स्थित जमींदारी बांध के ऊपर से पानी बहने लगा है। इस कारण करीब दो लाख की आबादी चपेट में है। लोग गांव छोड़कर पलायन कर रहे हैं। प्रभावित गांवों से लोग पशुओं को लेकर बंधों पर शरण ले रहे हैं।
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बांध कटने से दोआबा के गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट चुुका है। लोग गांवों में मकान खाली करने लगे हैं। गांववाले महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। गोरखपुर का बरही बांध कटने से देवरिया के जमींदारी बांध पर तीन दिनों से खतरा बना था। गांववालों ने श्रमदान कर बांध को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन बांध की ऊंचाई कम होने से प्रयास विफल हो गया। जमींदारी बांध सुबह आठ बजे भगवान मांझा के पास कट गया। देखते ही देखते बेलवा और भगवान मांझा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया। सरेह में पानी की तेज धारा देख चीख-पुकार मच गई। बाढ़ का पानी भगवान माझा, बेलवा, बनियापार, लालपुर परिसिया, तिघरा, हौली बलिया, खोपा, बिसुनपुर रतनपुर,बैदा, पचरुखा, लीलापुर, जगरनाथपुर, माझा नरायण, बनकटी, पचलड़ी, रमपुरवा, इश्वरपुरा अनुषा, नीबा, मठिया, छपरा, धर्मपुर और गांवों में फैल चुका है। देर रात तक दोआबा में आया सैलाब 52 गांवों को जलमग्न कर देगा।

बाढ़ पीड़ितों ने एसडीएम की गाड़ी घेरी
रुद्रपुर। जमींदारी बांध कटने के बाद आए सैलाब से नाराज बाढ़ पीड़ितों ने मंगलवार की सुबह एसडीएम की गाड़ी घेरकर खरी-खरी सुनाई। उन्होंने पचलड़ी चौराहे पर प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। गांववालों ने कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की कोई तैैयारी नहीं है। न तो कहीं बाढ़ शरण स्थली बनी है और न ही गांवों में नाव का इंतजाम है। दोआबा के गांवों में हजारों लोग पानी से घिरे हैं। वह मकान की छत पर गुजारा कर रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि दोआबा के हर गांव में नाव का इंतजाम हो रहा है। 22 नावें मौजूद हैं और नाव मंगाई जा रही है। रुद्रपुर के सतासी इंटर कॉलेज में बाढ़ शरण स्थली बनाई गई। वहां प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को रहने और खाने का इंतजाम किया गया है।
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