देवरिया। बैतालपुर तेल डिपो पर तेल माफियाओं का कब्जा है। डिपो से तेल चोरी के खेल में स्थानीय बदमाश, टैंकर चालक, डिपो के कुछ अधिकारी शामिल हैं। इस काले कारोबार में गौरीबाजार पुलिस और राजनेता भी हिस्सेदार हैं। एक हफ्ते में डिपो पर मारपीट की तीसरी घटना है।
लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर चिप लगाकर तेल चोरी का खेल उजागर होते ही देवरिया में भी खलबली मच गई। चेकिंग के डर से पंप कर्मचारियों ने पारदर्शिता शुरू कर दी। इससे उनका धंधा चौपट होने लगा। नाम नहीं छापने शर्त पर एक पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि डिपो के अंदर ही तेल चोरी हो जाता है। गाड़ी बाहर निकलते ही स्थानीय बदमाशों की मदद से टैंकर चालक तेल चोरी करवाते हैं। प्रति टैंकर 100 लीटर कम तेल पेट्रोल पंप पर पहुंचता है। ऐसे में पेट्रोल पंप के कर्मचारी तेल चोरी रोकने के लिए खुद बैतालपुर डिपो पर पहुंचते हैं। यह बात स्थानीय माफियाओं और टैंकर चालकों को नागवार लग रही है। इससे आए दिन मारपीट हो रही है। कुछ दिन पहले एक टैंकर चालक ने डिपो प्रबंधक को फोन पर जान मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने केस दर्ज किया। एक पखवारा पहले तीन पेट्रोल पंप पर तेल सप्लाई को लेकर डिपो में बवाल हुआ। पुलिस ने तेल माफिया रामयादी यादव के खिलाफ केस दर्ज किया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस बाबत एसपी राजीव मल्होत्रा ने कहा कि तेल चोरी रोकना जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग के जिम्मे है। पुलिस कानून व्यवस्था ठीक कर सकती है। जो केस दर्ज हुआ है, उसमें गिरफ्तारी नहीं हो सकती है।