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Deoria News: छाेटी-पुरानी नाव पर चढ़े 20 लोग...पानी भरने से डूबने लगी

Sat, 17 May 2025 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बघौचघाट। बघौचघाट बाबा भागवत दास घाट पर शनिवार सुबह सात बजे बड़ा हादसा होते-होते बच गया। खनुआ नदी सफाई करते समय नाव पलट गई और उसमें सवार लोग डूबने लगे।
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किसी तरह स्थानीय लोगों की मदद से उनकी जान बचाई गई। सफाई करने में सहयोग करने पहुंचे भाजपा मंडल पदाधिकारी को भी डूबने से लाेगों ने बचाया।
शुक्रवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार की सुबह छह बजे से बघौचघाट बाबा भागवत दास घाट पर खनुआ नदी की सफाई की जानकारी दी थी। सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। कृषि मंत्री भी अपने लोगो के साथ घाट पर पहुंच गए।
तीन जेसीबी मशीन भी सफाई के लिए पहुंच गई। पूरे ब्लॉक के सफाई कर्मी भी इकठ्ठा हो गए। सफाई का काम भी शुरू हो गया।
तीन छोटी-छोटी नाव के सहयोग से सफाई कार्य चलने लगा। नाव में एक नाव काफी छोटी और पुरानी थी। उस नाव में एक-एक कर लगभग 20 लोग चढ़ गए। मानक से अधिक वजन होने से नाव में धीरे-धीरे पानी भरने लगा। नाविक की पतवार छोटी थी। नाव धीरे-धीरे जब बीच नदी के बीच पहुंची तो पूरे नाव में पानी भर गया।
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इससे नाव डूबने लगी। इस बीच उसपर सवार कुछ लोग नदी में कूदने लगे। चारों तरफ-चीख पुकार मच गई। कुछ जो तैरना जानते थे वह अपनी जान बचा कर बाहर आ गए। अन्य लोग गहरे पानी में डूबने लगे। लोगों को डूबता देख दूसरा नाविक अपनी नाव लेकर तेजी से वहां पहुंच गया और कुछ लोगों के सहयोग से सभी को पकड़ पकड़ नाव पर खींचने लगा सभी को सकुशल नदी से बाहर लाया गया। किसी ने डॉक्टरों को फोन किया डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंच गई। डॉक्टरों ने जो लोग ज्यादा पानी पी लिए थे उनका उपचार कर पानी निकाला और उन्हें दवा दी।
नाव पर बैठे थे भाजपा के अधिकांश पदाधिकारी : जो लोग पानी में डूब रहे थे उसमें अधिकांश भाजपा के पदाधिकारी थे। उन्होंने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जहां नाव पलटी वहां पानी लगभग 12 फीट गहरा था। वे समझ नहीं पाए कि इतना गहरा हो सकता हैं। वहीं दूसरे व्यक्ति ने बताया कि नाव में पानी भर जाने से अचानक नाव डूब गई। नदी के बीच में होने के चलते कोई उपाय भी नहीं सूझा। एक अन्य पदाधिकारी ने बताया कि वह जब भी बाहर आने की कोशिश कर रहा था तब-तब एक व्यक्ति खुद को बचने के लिए उसे अंदर खींच रहा था। किसी तरह मछुआरों ने मेरी जान बचाई।
घटना के समय पुलिस मौजूद रही, लेकिन उनके पास भी कोई बचाव का साधन नहीं होने से किनारे खड़ा होकर तमाशबीन बनने के सिवा कुछ नहीं किया। लोगों का कहना है कि हादसा टल गया। भगवान की कृपा रही। अगर कुछ हो जाता तो कौन जवाबदेह होता। नदी सफाई का रविवार को पकहा घाट पर होनी है।
हादसे को देखते हुए लोगों में भय व्याप्त है। सब लोग कह रहे थे अगर सुरक्षा का इंतजाम हुआ तो नदी साफ होगी, अन्यथा कोई नदी में नहीं जाएगा। वहीं हादसे के शिकार लोग काफी घबरा गए हैं और भगवान को बार-बार धन्यवाद दे रहे हैं। सब यही कह रहे हैं कि भगवान ने दूसरा जीवन प्रदान किया है।
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