गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध 37 स्ववित्तपोषित बीएड कॉलेजों पर संबद्धता छिनने का खतरा मंडरा रहा है। स्थायी संबद्धता नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। स्थायी संबद्धता को लेकर कॉलेजों की ओर से प्रबंधक महासभा ने कुलपति को पत्र लिखा है। इनमें देवरिया में 20 काॅलेज हैं।
स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा ने कुलपति को लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2017 में ही हाईकोर्ट से सभी लंबित मामलों का निस्तारण हो गया था। इसके बाद भी प्रतिवर्ष केवल संबद्धता विस्तार दिया जा रहा है। संबद्धता विस्तार के लिए जो आवंटन पत्र जारी किया जाता है, उसमें अब भी इस बात का उल्लेख किया जाता है कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इससे प्रवेश लेने वाले छात्रों के मन में आशंका की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। प्रबंधक महासभा ने पत्र में कहा है कि मानक पूरे करने वाले सभी कॉलेजों को स्थायी संबद्धता दी जाए।
प्रभावितों में सबसे अधिक कॉलेज देवरिया के
जिन 37 कॉलेजों को स्थायी संबद्धता नहीं मिली है, उनमें ज्यादातर देवरिया जिले के हैं। बताया जा रहा है कि देवरिया में 20, गोरखपुर में 12 और कुशीनगर जनपद में पांच कॉलेज इससे प्रभावित हैं।
प्रबंधक महासभा का कहना है कि स्थायी संबद्धता नहीं मिलने के कारण सीटें खाली रह जाने की स्थिति बन जाती है।