सलेमपुर (देवरिया)। जीएसटी को लेकर व्यापारियों के बीच ओहापोह की बनी स्थिति को जानकारों ने साफ कर दिया। इससे व्यापारियों को लाभ और व्यापार करने में आसानी होगा। इनके सामने व्यापारियों ने अखपना सवाल किया और वेबाकी से एक-एक सवालों का जवाब मिला। इससे व्यापारी संतुष्ट नजर आए।
तमाम विरोध के बीच 1 जुलाई को देश में जीएसटी लागू हो गया। इसको लेकर खास तौर से व्यापारी निराश है। रविवार को संस्कृत पाठशाला में सेल टैक्स के वकील यानी जीएसटी के जानकारों के साथ बाजार के व्यापारियों की बैठक करीब दो घंटे तक चली। इसमें वकीलों ने जीएसटी को व्यापारियों के हित में बताया। गौरव गोयल ने कहा कि सीएसटी को लेकर अधिकांश व्यापारी भ्रम है। इससे उनका सीधा लाभ है। इसके पहले 17 एक्ट लगा था। इसे हटाकर सिर्फ एक एक्ट जीएसटी लगा दिया गया। इसमें सिर्फ चार प्रकार के टैक्स है जो व्यापार के लिए सुविधाजनक है। यह एक्ट लागू हो जाने से प्रदेश में कही से कोई व्यापारी बेधड़क मॉल ला सकते है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। बीस लाख तक व्यापार करने वाले छोटे व्यापारी जीएसटी से बाहर हैं। 75 लाख तक व्यापार करने वाले व्यापारी एक फीसदी टैक्स जमा कर समाधान का लाभ ले सकते है। टैक्स के दायरे में आने वाले व्यापारियों को एक-एक सामग्री का बिल प्रस्तुत करना होगा। इस दौरान वकील प्रिंस कुमार, अनुराग केडिया, संदीप कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा व्यापार मंडल अध्यक्ष शंभूदयाल गुप्त, सुनील जायसवाल, रितेश कुमार, संजय मद्धेसिया, अंकित बरनवाल, दीनानाथ बरवाल, संजीव जायसवाल आदि मौजूद रहे।