देवरिया। जिला पंचायत सदस्य सत्यदेव यादव और परिवार वालों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला गरमा गया है। सदस्यों ने एसओ पर धन उगाही के जरिए केस दर्ज करने का आरोप लगाया। अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू की अगुवाई में सदस्य मुख्य राजस्व अधिकारी मनोज से मिले। हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, परोहा गांव में विकास कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। इसके चलते ग्राम प्रधान और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को दोपहर एक बजे जिला पंचायत सदस्य डीएम से मिलने आए, उनकी अनुपस्थिति में मुख्य राजस्व अधिकारी को मांग पत्र दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मांगपत्र पत्र में परोहा की ग्राम प्रधान के उम्र पर सवाल उठाया गया है। इसके अलावा लोहिया, इंदिरा आवास और शौचालयों के निर्माण में धांधली का आरोप लगाया। सदस्यों ने कहा कि एसओ खामपार ने अधिकार का दुरुपयोग किया है। क्रॉस केस क्यों दर्ज किया गया। इसकी जांच जरूरी है।
मालूम हो कि सत्यदेव यादव शुक्रवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में आए थे, जिसमें परोहा गांव में लोहिया, इंदिरा आवास के अलावा शौचालयों के निर्माण में धांधली का मामला उठाया। फिलहाल मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। उसी दिन शाम को घर लौटते समय जानलेवा हमला हो गया। उनकी तहरीर पर पूर्व ग्राम प्रधान और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस ने रविवार को पूर्व ग्राम प्रधान राजेंद्र मिश्र की तहरीर पर क्रॉस केस दर्ज कर लिया। प्रतिनिधिमंडल में किसान नेता विनय सिंह, राजू भारती, धर्मेंद्र सिंह, मुकुल सिंह, रामानंद यादव, राजेंद्र यादव, संतोष यादव, हेवंता देवी, नीरज बंटी शाही, ओमप्रकाश तिवारी, रागिनी सिंह, अरुण यादव, अनिरूद्ध कुशवाहा, राजन यादव, अखंड राव, कृपाशंकर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।