मुकुंदपुर में गिराया गया जर्जर परिषदी विद्यालय
देवरिया। जिले के 16 परिषदीय विद्यालयों के पास अपना मुख्य भवन नहीं है। इन विद्यालयों में उपलब्ध अतिरिक्त कक्षों के सहारे शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। मुख्य भवन के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन विद्यालयों में नए भवन निर्माण की तैयारी है। तब तक बच्चों को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे ही पढ़ाया जा रहा है।
परिषदीय विद्यालयों में मुख्य भवन नहीं होने के कारण प्रधानाध्यापक कक्ष, कार्यालयीय कार्य, अभिलेखों के रखरखाव और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। वहीं विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं के संचालन में भी दिक्कत हो रही है।
कुछ विद्यालय अतिरिक्त कक्षा कक्षा तो कुछ विद्यालय नजदीकी पंचायत भवन में संचालित किए जा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय पोखराभिंडा, कंपोजिट स्कूल रामनगर, प्राथमिक विद्यालय पुराना बरहज, प्राथमिक विद्यालय कोन्हवलिया भरत राय, जूनियर हाई स्कूल करौंदी, कंपोजिट जूनियर हाई स्कूल मुकुंदपुर, कंपोजिट स्कूल सोनहुला रामनगर, कंपोजिट स्कूल तारासारा, कंपोजिट स्कूल रामपुर कारखाना, कंपोजिट स्कूल पचौहा, प्राथमिक विद्यालय डुमरिया, प्राथमिक विद्यालय मझगांवा, प्राथमिक विद्यालय छितरुआ, प्राथमिक विद्यालय ईश्वरपुरा, प्राथमिक विद्यालय डहरौली बुजुर्ग, प्राथमिक विद्यालय अमवां आदि विद्यालयों के पास अपना मुख्य भवन नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारी सदर देवमुनि वर्मा ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों को चिन्हित कर ध्वस्त करा दिया गया है। इनकी नए भवन बनाए जाएंगे। इसका बजट स्वीकृत हो गया है। अगले शैक्षिक सत्र से पूर्व भवन तैयार हो जाएंगे।ट