मईल (देवरिया)। बिहार के नवादा कोर्ट में गवाही देने पहुंचे रिटायर्ड दरोगा की अचानक मौत हो गई। अचानक हुई मौत से कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। शनिवार को शव गांव पहुंचा तो घरवालों में कोहराम मच गया।
मईल थानाक्षेत्र के गोड़वली गांव निवासी विजय बहादुर सिंह बिहार पुलिस से दरोगा से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2013 में वारीसलीगंज थाने में उत्पाद अधिनियम से जुड़ा मामला था। यह मामला विशेष न्यायाधीश राजेश सिन्हा के न्यायालय में लंबित है। विशेष लोक अभियोजक त्रिवेणी प्रसाद की नोटिस पर शुक्रवार को वह गवाही देने के लिए कोर्ट में पहुंचे और विशेष लोक अभियोजक से उनके कार्यालय में मिलकर गवाही देने की बात कही। संबंधित कोर्ट में गवाही देने की कार्रवाई चल रही थी। उसी समय अचानक कोर्ट में बेहोश होकर गिर गए। पुलिस और अधिवक्ता उनको सदर अस्पताल पहुंचाए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। 2016 में सेवानिवृत्त होने के बाद गांव पर रह रहे थे। इनके निधन की सूचना पर एसडीपीओ विजय कुमार झा, नगर थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने उनके परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। शनिवार को शव गांव पहुँचने पर परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी ललिता देवी शव देख बदहवास हो गईं। वहीं उनके बेटे सुनील, सुशील सिंह व चारों लड़कियों का रोते-रोते बुरा हाल हो गया था ।