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ठंड से चार लोगों की मौत

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दोपहर के बाद भी सर्द हवा और गलन से राहगीर परेशान। अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। 
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कड़ाके की ठंड से जिले के अलग-अलग थानाक्षेत्रों में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। गांव से बाहर मंगलवार को शौच करने गए एक वृद्ध की ठंड लगने से मौत हो गई। एक वृद्ध महिला की घर पर मौत हो गई। परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। प्रधान ने तहसील प्रशासन को पत्र देकर आर्थिक मदद की मांग की है। 
कोतवाली थाने के लोहरा बभनौली गांव के रामायन प्रसाद मंगलवार की सुबह करीब सात बजे घर से बाहर शौच करने निकले। अभी वह गांव के बाहर पहुंचे थे कि ठंड लगने से अचेत होकर गिर पड़े। यह देख आसपास के लोग पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो गई थी। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान कमलेश ने तहसीलदार को पत्र देकर आर्थिक सहायता की मांग की है। पिपरा भानमती गांव की एक वृद्ध महिला की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजन मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं भटनी नगर के ठाकुरजी कुटी वार्ड निवासी दीपचंद मद्घेशिया की मंगलवार शाम चार बजे ठंड से मौत हो गई। चेयरमैन ने राजस्व विभाग को मौत की सूचना दी है। दूसरी ओर, रामपुर कारखाना थाने के मदरापाली भरत राय गांव में काम करने के दौरान मजदूर की मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि ठंड के चलते मजदूर की मौत हुई है। गांववालों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। मदरापाली भरत गांव में मनरेगा के तहत चकरोड पर मिट्टी भराने का काम चल रहा था। इसमें मजदूर बृजलाल काम कर रहे थे। शाम करीब पांच बजे उसे प्यास लगी पास के एक हैंडपंप पर पानी पीने के लिए गया। इस दौरान अचानक गिर गया और उसकी मौत हो गई। घरवालों ने बृजलाल का दाह संस्कार कर दिया। 
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वहीं दूसरी ओर, जिले में ठंड का कहर पीछा नहीं छोड़ रहा है। हालांकि पारा में उछाल आया है। सात डिग्री सेल्सियस पर रहने वाला न्यूनतम पारा मंगलवार को आठ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। फिर भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। अन्य दिनों की तुलना में गलन भी थोड़ी कम थी। यही वजह रही कि सड़कों पर लोगों की चहल-पहल देखी गई। दुकानदारों के चेहरे पर रौनक भी लौट आई। लोगों ने जरूरत के सामानों की खरीदारी की। हालांकि मंगलवार की सुबह आठ बजे तक धुंध छाया रहा। लोगबाग इस बात से परेशान थे कि आज भी ठंड का भीषण कहर झेलना पड़ेगा, लेकिन 10 बजे के बाद बर्फीली हवाओं की गति धीमी पड़ गई। सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिया। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यही स्थिति रही तो तीन-चार दिनों से भीषण ठंड से लोगों को छुटकारा मिल सकता है। 25 दिसंबर से पड़ रही कड़ाके की ठंड से हर कोई आजिज आ चुका है। बुजुर्गों का कहना है कि इस बार कई वर्षों बाद भीषण ठंड पड़ी है। दुकानदार रमेश बरनवाल ने कहा कि ठंड में दुकानदारी प्रभावित हो गई थी। मंगलवार को मौसम में थोड़ा सुधार होने पर दुकानदारी हुई। ठंड के कहर से हर कोई परेशान है। सोमवार की रात का मौसम बेहद ठंडा हो गया था। कोहरे के कारण 10 फीट की दूरी पर साफ दिखाई नहीं दे रहा था। मंगलवार सुबह भी कुछ ऐसे ही हालत थे। मगर जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां बढ़ती गईं, आसमान भी साफ होने लगा। हाड़ कंपा देने वाली ठंड से परेशान रहे लोग अब सूर्यदेव से मेहरबानी की दुआ करने लगे हैं।
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