नीलांबुज मिश्र
देवरिया। तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू को लेकर शासन गंभीर है। परिषदीय और इंटर कॉलेज में होने वाले प्रार्थना सभाओं पर फिलहाल रोक लगाने और सावधानी बरतने का आदेश जारी किया है। सीएमओ के अलावा बीएसए, डीआईओएस और नगर पालिका/ पंचायत प्रशासन से गंभीरता से पालन की बात कही गई है।
बरसात के मौसम में स्वाइन फ्लू तेजी से लोगों में फैलता है। तीन दिन पूर्व स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से लखनऊ में इलाज के दौरान देवरिया के बरवामीर छापर गांव निवासी शिक्षक प्रेमचंद्र साहू की मौत हो गई। इसको लेकर शासन गंभीर है। उत्तर प्रदेश के प्रमुुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्त और डीएम को पत्र भेजकर स्वाइन फ्लू पर रोकथाम के लिए निर्देश जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में होने वाली प्रार्थना सभा रोकी जाए। अधिक संख्या में बच्चों को एक साथ न बैठने दिया जाए। स्कूली बच्चों में स्वाइन फ्लू जैसा लक्षण दिखने या बीमार होने पर आराम की सलाह देते हुए छुट्टी दी जाए। स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर सतर्क है। बीएसए, डीआईओएस और नगर पालिका/पंचायत को सीएमओ कार्यालय की ओर से भी प्रमुख सचिव के आदेश का कड़ाई पालन कराने के लिए पत्र भेजा गया है। संक्रामक बीमारी के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाके से बचना चाहिए। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि पत्र प्राप्त हुआ है। इसके अनुपालन के लिए विभागीय अफसरों को निर्देश दिया गया है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
सिर और शरीर में दर्द रहना मांस पेशी में खिंचावट महसूस होना
गले में लंबे समय समय तक खराश रहना स्वाइन फ्लू के संकेत
लंबे समय से बुखार रहना और इलाज के बाद पूरी तरह ठीक नहीं होना
तेजी से सांस लेना और छोड़ना, थकावट और चिड़चिड़ापन महसूस होना
सामान्य उपचार के बाद उल्टी दस्त का ठीक नहीं होना
लंबे समय तक सर्दी रहना और लगातार नाक से पानी बहना
छोटे बच्चों को बुखार के समय चिड़चिड़ा होना और शरीर नीला पड़ना
वयस्कों में सीने और पेट में दर्द तथा बार-बार चक्कर आना
भूख कम महसूस होना और तेजी से वजन कम होना