देवरिया। विवेचक की छोटी लापरवाही से सलेमपुर के पथिक निवासी से पकड़ी गईं दो युवतियां और एक किशोरी को सात दिन बाद भी मुकम्मल जगह नहीं भेजा जा सका है। न्यायालय ने इस मामले में सीओ सलेमपुर को तलब कर फटकार लगाई। कहा कि विधिक जानकारी लेकर अगले दिन कोर्ट में हाजिर हों।
16 अगस्त को सलेमपुर के पथिक निवास होटल पर पुलिस और तहसील प्रशासन के लोगों ने छापामारी की। कुछ लोग पीछे के रास्ते भाग निकले। होटल मालिक समेत आठ लोगों पर केस दर्ज किया गया। इसमें दो युवती और एक किशोरी भी हैं। विवेचक ने इन तीनों के खिलाफ अनैतिक देह निवारण अधिनियम और 366ए आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। चूंकि विवेचक ने तीनों को नाबालिग बनाया था, इसलिए कोर्ट ने किशोरी न्यायालय भेज दिया। पुलिस तीनों को गोरखपुर, मिर्जापुर और वाराणसी जेल ले गई, लेकिन तीनों जगह उन्हें लेने से इनकार कर दिया गया। फिर पुलिस ने न्यायालय को सूचना दिए बिना महिला थाने में रखा। जब न्यायालय में किशोरियों के अधिवक्ता ने जमानत के लिए प्रार्थना-पत्र दिया तो मामला सामने आया। कोर्ट ने सीओ सलेमपुर को तलब किया। बुधवार को वह उपस्थित हुए।