रुद्रपुर। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद की शिकायत पर बीज गोदाम पर घटतौली की जांच में बीज घोटाला परत दर परत खुलने लगा है। बीज की बोरी के वजन में कमी को लेकर मंगलवार को बीज वितरण केंद्र इलाहाबाद के निदेशक के मौजूदगी में तकनीकी जांच शुरू हुई। इस दौरान बीज के बोरियों की सिलाई भिन्न पाई गई और तौल कांटे में भी अंतर मिला।
जांच के बाद पूरे जिले के राजकीय बीज गोदामों पर घटतौली की आशंका बढ़ गई है। जांच अधिकारी ने बताया कि बोरी की सिलाईं में जिस धागे का प्रयोग किया गया उस धागे का प्रयोग बीज भंडारण केंद्र पर नहीं होता है। धागा बदला हुआ है। आशंका है कि डिलेवरी के बाद रास्ते में या गोदाम में सिलाई खोलकर बीज निकालने के बाद दोबारा सिलाई की गई होगी। गोदाम में मौजूद बीज की बोरियों का प्राइवेट इलेक्ट्रानिक कांटे पर तौल कराने से अधिकांश बोरियों में मात्रा भी कम पाई गई। प्राथमिक जांच में देवरिया जिले में बीज घोटाले का मामला सामने आने लगा है। इस मामले में रैकेट के काम करने की संभावना जताई जा रही है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को देने को कहा। इस दौरान इलाहाबाद बीज वितरण केंद्र के निदेशक डॉ राजेंद्र कुमार, संयुक्त निदेशक गोरखपुर केपी दूबे, उप निदेशक जयप्रकाश, जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह, नायब तहसीलदार डॉ संजीव कुमार दीक्षित, अनिरुद्ध सिंह और सचिव वशिष्ट यादव मौजूद रहे।