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मोदी सरकार की वापसी के लिए चल रहा संकीर्तन

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बरहज के प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में मोदी सरकार के दुबारा वापसी के लिए सीताराम का जाप अनुयायी - फोटो : अमर उजाला
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बरहज। केंद्र में मोदी सरकार की वापसी के लिए नगर के नीलकंठ महादेव और रामजानकी मंदिर परिसर में अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। 13 अप्रैल को रामनवमी से शुरू हुआ अनुष्ठान 23 मई को मतगणना के बाद समाप्त होगा।
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प्राचीन मंदिर परिसर में नीलकंठ भगवान का जमीन से प्रादुर्भाव हुआ है। इसके अलावा यहां सीताराम, लक्ष्मण और हनुमान, शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा आदि की मूर्तियां स्थापित हैं। महंत मुन्ना दास के नेतृत्व में बीते 13 अप्रैल रामनवमी के दिन से सीताराम जाप का अनुष्ठान शुरू किया गया है। देश में स्थिर और मजबूत मोदी सरकार के लिए करीब सवा माह तक चलने वाला अनुष्ठान चर्चा का विषय बना हुआ है। अनुष्ठान के बारे में महंत सूरदास बताते हैं कि देश सुरक्षित रहेगा, तभी धर्म और उसे मानने वाले लोग सुरक्षित रहेंगे। अनुष्ठान में किसी राजनैतिक पार्टी का हस्तक्षेप नहीं है। जाप में नगर क्षेत्र के लोगों की भीड़ जुट रही है।

200 साल पूर्व राजा मझौलीराज कर चुके हैं अनुष्ठान
बरहज। मझौली स्टेट अंतर्गत नगर क्षेत्र भी आता है। लोग बताते हैं कि करीब 200 साल पूर्व राजा मझौली ने नीलकंठ महादेव मंदिर में अनुष्ठान किया था। बताया जाता है कि राजा ने यह अनुष्ठान बिना किसी खून-खराबे के सेनापति कुबेर को भगाने के लिए किया था। नीलकंठ भगवान के आशीर्वाद से राजा को युद्ध नहीं करना पड़ा था। युद्ध से पहले ही कुबेर रण छोड़ कर भाग खड़ा हुआ था। सेनापति कुबेर अपनी खुद की फौज खड़ा कर बरहज पर कब्जा कर लिया था। प्राचीन मंदिर से भगवान की सेवाभाव से पूजा अर्चन करने वाले कुष्ठ रोगियों को बीमारी से निजात मिला है।
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