शहर में जाम और सड़कों पर अतिक्रमण से निपटने के लिए डीएम, एसपी ने कारोबारियों के साथ मंगलवार को बैठक की।
इसमें तय हुआ कि कोर्ट के आदेश पर हर हाल में अतिक्रमण हटाया जाएगा। विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 1945 के नक्शे में स्वीकृत सड़क 120 फीट है। जिसे बहाल कराया जाएगा।
राघवनगर और कोआपरेटिव की सड़क वनवे की जाएगी। ताकि लोगों को जाम से मुक्ति मिल सके। मोतीलाल रोड पर भी नो-एंट्री होगी।
पुराने बस स्टैंड, कसया और गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे नगर पालिका की पार्किंग होगी। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने एआरएम से बात कर तत्काल अस्थायी स्टैंड बनाने की बात कहीं।
नई व्यवस्था के लिए कारोबारियों की समस्या और सुझाव भी मांगा। इस बैठक को अधिकृत रूप से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी।
एसपी प्रभाकर चौधरी के निर्देश पर प्रस्ताव रखते हुए सीओ सुशील सिंह ने बताया कि बढ़ती जनसंख्या, अतिक्रमण, सड़कों पर अधिक वाहनों का होना, बाईपास की कमी के कारण जाम लग रहा है।
ओरवब्रिज से लेेकर रुद्रपुर मोड़ तक सड़क अतिक्रमण मुक्त होगी। जीप, टेंपो, डग्गामार वाहन स्टैंड पर सवारी भरें। रोडवेज बस परिसर में सवारी भरें।
निजी वाहन रोडवेज के कलर में मिलेंगे तो केस दर्ज कराया जाएगा। डीएम आवास से लेकर जज कॉलोनी तक कैमरे लगाए जाएंगे।
कचहरी, सीओ आफिस से लेकर अन्य पटरी कारोबारियों को पोस्टमार्टम चौराहे पर शिफ्ट किया जाएगा। व्यापारियों ने टैंकर, स्कूल बस पर भी रोक लगाए जाने की बात कही।
शक्ति गुप्ता ने दुकान तोड़ने से पहले दुकानदारों को नई दुकान देने की बात कही।
डीएम ने कहा कि पहले रास्ता खाली हो जाए। नई मार्केट बनेगी तो कारोबारियों को शिफ्ट किया जाएगा। मंटू जायसवाल ने पात्र पटरी कारोबारियों की बात रखी।
सभासद अजय गुप्ता ने कहा मालवीय रोड 90 फीट चौड़ा है। कुछ दुकानदार ओवरब्रिज के पास तक कब्जा कर रखे हैं। उन्हें भी खाली कराया जाए।
डीएम ने कहा कि किसी भी कारोबारी को परेशानी नहीं होगी। नोटिस के बाद सबकी बात भी सुनी जाएगी।