संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। हर घर जल योजना नगर में धरातल पर नहीं उतर पाया। पानी सप्लाई के नाम पर नगर पंचायत प्रशासन साल दर साल रुपये खर्च करता गया, मगर लोगों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पाई।
15 साल पहले बनकर तैयार दो ओवरहेड टैंक से लोगों के घरों तक पानी की सप्लाई देने के लिए डेढ़ साल पहले पाइप बिछाई गई। एक साल से परीक्षण पूरा नहीं होने के कारण अब तक सप्लाई नहीं चालू हो पाया है, हालांकि प्रशासन लगातार कार्यों का भुगतान करता रहा।
वर्ष 2010 में करीब सात करोड़ की लागत से नगर में दो ओवर हेड टैंक तैयार किए गए। जिसके लिए 40 जलपोस्ट बनाए गए। सप्लाई शुरु होते ही लिकेज के कारण सड़क के भीतर बिछाई गई पाइपे फट गई। दोबारा परीक्षण के नाम पर विभाग ने करीब दो करोड़ रुपये का पाइप बिछा कर ठेकेदार को भुगतान कर दिया।
बावजूद इसके पानी की सप्लाई शुरु नहीं हो पाई। दो साल पहले शुरु हर घर जल योजना से नगर पंचायत प्रशासन ने सड़कों की खुदाई कर फिर से पाइप लगाने का काम शुरु किया। नगर के टेढ़ा स्थान वार्ड, भरटोला वार्ड, मस्जिद वार्ड, शिवाला वार्ड, दुग्धेश्वरनाथ, पकड़ी वार्ड, पूर्वी तिवारी टोला वार्ड में घरों के सामने टोटी भी लगा दी गई। काम कराने वाले फर्म का नगर पंचायत करीब पचास लाख रुपये भुगतान भी कर चुका है। लेकिन सप्लाई के नाम पर एक बूंद पानी भी नहीं पहुंचा। खुदाई के कारण सड़कों की हालत भी खस्ताहाल हो गई है।
नगरवासी अरविंद शुक्ला ने कहा कि नगर में वर्षो से पेयजल के नाम पर भारी घोटाला हुआ है। पाइप बिछाने के नाम पर खर्च कर सिर्फ भुगतान हुआ है। नगरवासियों को खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है। सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया गया।
दुर्गेश पटेल ने कहा कि शुद्ध पेयजल के नाम पर सड़क खोद कर बिगाड़ दिया गया। पाइप बिछाने के बाद परीक्षण के अभाव में एक साल से सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। नगर के लोगों को 15 साल से शुद्ध पेयजल का इंतजार है।
ईओ नितेश गौरव ने कहा कि नगर में बिछाए गए पाइपों से पानी की सप्लाई का परीक्षण कराया जाना है। जिसके बाद ही पानी की आपूर्ति चालू हो पाएगी।