देवरिया। महिला दिवस को युवती सोनी के लिए राजकुमार ने सार्थक बना दिया। कहते हैं कि स्त्री-पुरुष एक-दूसरे के पूरक हैं। हम बदलाव की बात ही न करें, इसकी शुरुआत अपने जीवन से करें। ऐसा ही साहसिक और संवेदनशील फैसला कुशीनगर के फाजिलनगर के रहने वाले युवक राजकुमार ने किया। महिलाओं को सशक्त बनाने में पुरुष किस तरह अपना योगदान कर सकते हैं, राजकुमार ने इसकी नजीर पेश की है। उसने सोनी के अंधेरे हो चुके जीवन को उम्मीद के उजालों से रोशन कर दिया।
हर इंसान की जिंदगी में कभी ऐसा वक्त भी आता है कि क्षण भर में ही जीवन की खुशियां अचानक छिन जाती हैं और इंसान खुद को हारा हुआ महसूस करने लगता है। ऐसा ही एक क्षण फिर आता है जो उजाड़, उदास जिंदगी में खुशियों की रौनक भर जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ देसही देवरिया की युवती सोनी के साथ। जब उसे पता चला कि अब वह इस दुनिया को अपनी आंखों से नहीं देख सकेगी, लगा कि पलभर में उसकी जिंदगी ही अंधेरी हो गई। उसके सारे अरमान, सारे सपने एक झटके में ही चूर-चूर हो गए। घर वाले भी चिंतित हो उठे कि अब भला उसका हाथ कौन थामेगा, लेकिन राजकुमार की जिंदादिली ने अनिश्चितता के भंवर में घिरती सोनी की जिंदगी को सहारा दिया।
गरीब परिवार में जन्मी देसही देवरिया की सोनी की शादी उसके घरवालों ने कुशीनगर जिले के फाजिलनगर में राजकुमार से तय कर दी। शादी तय होने के बाद कुछ ही दिन बाद सोनी की आंखों में कोई परेशानी शुरू हो गई। काफी इलाज के बाद भी वह ठीक नहीं हो सकी और उसकी दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। इसके बाद युवती के मां-बाप अपनी बेटी की शादी और उसके भविष्य को लेकर चिंतित हो गए। उन्हें लग रहा था कि अब बेटी की तय शादी भी नहीं हो सकेगी। यह कमी जानते हुए भी अब भला उसका हाथ कौन थामेगा। मगर, राजकुमार ने लड़की के माता-पिता को अपना और परिवार का फैसला सुनाते हुए कहा कि आप लोग फिक्र न करें। मैं शादी करूंगा और जीवनभर उसका हाथ नहीं छोडूंगा। वह इस दुनिया को मेरी आंखों से देखेगी। यह सुनकर युवती और उसके घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रधान रमेश प्रताप राव की पहल पर यह जोड़ा 12 मार्च को पथरदेवा ब्लॉक में प्रदेश सरकार की सामूहिक विवाह योजना के तहत होने वाले समारोह में विधि-विधान से सात फेरे लेगा। युवक की इस समझदारी की लोग सराहना कर रहे हैं।