फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खास खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रप़ुर। सुप्रीम कोर्ट से शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद रुद्रपुर में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। फैसले के बाद आंदोलन शुरू हो जाने से करीब दो दर्जन स्कूलों पर ताले लटक रहे हैं। वहीं 53 स्कूल एकल हो गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से छह दिन से बंद इन स्कूलों को संचालित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन

शिक्षामित्रों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद आंदोलित शिक्षामित्र मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान पर्याप्त शिक्षकों वाले स्कूलों को भी बंद कराया जा रहे हैं। रुद्रपुर क्षेत्र में शिक्षामित्र से समायोजित होकर सहायक अध्यापक बने लोग 24 स्कूलों को संचालित कर रहे थे। अब इन स्कूलों पर पठन पाठन बंद है। क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय खोरमा प्रथम, तारासारा सेकेंड, तारासारा तृतीय, प्राथमिक स्कूल कुरैती, गाजीपुर भैसही, रमपुरवा, मांगाकोड़र, सिलहटा, बिठ्लपुर, डाला, करनपुरा, नरायनपुर, जगदीशपुर, पांडेयमांझा राजधर, लीलापुर भैसहा, भेड़ी, पचरुखा, माझानरायन, मठिया पांडेय, खोपा, लीलापुर, बिशुनपुर बगही, करौदी और प्राथमिक पाठशाला बेलवा राजी पर छह दिनों से ताले लगे हैं। वहीं समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों के स्कूल नहीं जाने से 53 स्कूलों पर पठन पाठन का काम सिर्फ अध्यापक को देखना पड़ रहा है। शिक्षक विहीन गांवों के प्रधानों ने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने छह दिन बंद चल रहे स्कूलों को शुरू कराने की मांग की। इस बाबत बीईओ बंशीधर श्रीवास्तव ने कहा कि बंद स्कूलों की सूचना बीएसए को दे दी गई है। एकल और बंद स्कूलों को संचालित करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें