सरयू नदी के जलस्तर में 10 सेमी का इजाफा, बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए नाव बनी सहारा
बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। नदी में आई बाढ़ के कारण भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोले पानी से घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के आने-जाने के लिए नाव ही सहारा बना हुआ है। सरयू नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 10 सेमी का इजाफा हुआ है।
शनिवार को थाना घाट पर सिंचाई विभाग के मीटर गेज पर नदी का पानी खतरे के निशान 66.50 से 65 सेमी ऊपर 67.15 पर बह रही थी। नदी तीन दिनों से बढ़त बना रही है। बाढ़ का पानी खेतों के रास्ते गांवों तक पहुंच गया है। नदी में आई बाढ़ के कारण नदी का पानी कटइलवा से कपरवार संगम तट तक रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। जबकि राप्ती भी उफान पर है। भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, सुग्गी माझी, पुरानी दलित बस्ती, चौहान टोला, बांके सहित सात टोले पानी से घिर गए हैं। इससे गांवों में रहने वालों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए समुचित उपाय किए गए हैं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
प्रशासन ने लगाईं 10 नावें, मवेशियों के लिए चारा का संकट
बरहज। प्रशासन ने भदिला प्रथम में चार, जबकि परसियां-विशुनपुर देवार के सात टोलों में छह नावें लगा रखी है। बाढ़ जैसी विभीषिका से लोग चिंतित हैं। बेजुबानों के लिए चारा का संकट गहरा गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग पशुओं और परिजनों के लिए ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं।