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बिटिया के पिता को फांसी से कम मंजूर नहीं

Tue, 10 Sep 2013 04:02 PM IST
अमर उजाला, बलिया
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बिटिया के गैंगरेप के आरोपियों को साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को दोषी करार दिया। इनकी सजा पर बुधवार को बहस होगी।
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अदालत के फैसले को लेकर परिजनों में बेचैनी है। उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय के जरिए उन्हें इंसाफ मिलेगा और ऐसा घिनौना कृत्य करने के आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी।

दिल्ली गैंगरेप के दरिंदे दोषी करार,

सजा सुनाए जाने से एक दिन पहले बिटिया के पिता एवं बाबा ने इतना ही कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। बिटिया के साथ 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप हुआ था। आरोपियों ने उसे और उसके साथी को पीटा भी था। गंभीर चोटों के चलते ही बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मामले के कुल छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

इनमें से मुख्य आरोपी राम सिंह की तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। कुछ दिनों पहले मामले के एक नाबालिग आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई गई थी।

चार अन्य आरोपियों को सजा सुनाने की तिथि नियत की गई है। बिटिया के परिजनों का कहना है कि नाबालिग आरोपी को सुनाई गई सजा पर्याप्त नहीं है।

बिटिया के बाबा ने कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। फिलहाल पूरे परिवार की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है। उम्मीद यही है कि न्यायालय इंसाफ करेगा।

अखिलेश ने पूरा नहीं किया वादा
बिटिया के मौत के बाद यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने कई वादे किए। बिटिया के पिता से जब इन वादों के बारे मे पूछा गया तो राज्य सरकार के रवैये से वे आहत दिखे। उनका कहना है कि बिटिया की तेरहवीं से एक दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उसके पैतृक गांव पहुंचे थे।

उन्होंने परिवार को 20 लाख रुपये का चेक देने के साथ ही गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सड़क बनाने का वादा किया था। साथ ही परिवार के दो सदस्यों को नौकरी देने की बात भी कही थी। 

दिल्ली गैंगरेप में कब क्या-क्या हुआ?

वादे के मुताबिक गांव में अस्पताल एवं सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। लेकिन परिवार के सदस्यों को नौकरी आज तक नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अपना वादा पूरा करते हुए उनके बड़े बेटे को रेलवे में नौकरी देने के साथ ही दिल्ली में फ्लैट भी दे दिया है। उप्र सरकार आज तक नौकरी देने का अपना वादा पूरा नहीं कर पाई।
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फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं
बिटिया के पिता ने कहा कि दोषियों को फांसी से कम कोई भी सजा मंजूर नहीं है। जो कृत्य आरोपियों ने किया है, उसमें जितनी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए कम है।

उन्होंने कहा कि आज फैसले की घड़ी है लिहाजा परिवार के सदस्य अदालत जरूर जाएंगे। उन्होंने अदालत और देश की न्याय प्रक्रिया भी भरोसा जताते हुए कहा है कि जिस फैसले की उम्मीद है। वहीं फैसला आना चाहिए।
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