यूपी के मैनपुरी में कुरावली क्षेत्र में 13 साल पहले हुई हत्या के मामले में दो लोगों को अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह ने फांसी की सजा सुनाई है। जमानत पर होने के कारण दोनों गुरुवार को घर से निर्णय सुनने के लिए अदालत आए। बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
थाना कुरावली के गांव कमलपुर मनौना निवासी सुरेंद्र 25 नवंबर 2003 को कमलपुर के प्रधान सुखवीर सिंह से मिलने गया था। वहां से वह गांव के रमेश के साथ साइकिल से गांव आ रहा था। रास्ते में सुरेंद्र का भाई सत्यपाल और चतुरी मिल गए। वहां से चारों पैदल ही आ रहे थे।
राजलपुर के पास गांव के संजू बघेल, भंवर सिंह व जबर सिंह ने उन्हें घेर लिया। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए सुरेंद्र का हंसिया से सिर काटकर हत्या कर दी। भाई सत्यपाल ने संजू, जबर सिंह, भंवर सिंह के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की।
कुरावली पुलिस ने विवेचना के दौरान तीनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, चश्मदीद गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। मुकदमे के दौरान ही आरोपियों की जमानत कोर्ट से मंजूर भी हो गई।
इसके बाद पत्रावली पर आए साक्ष्य तथा प्रमाणों के आधार पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह ने संजू बघेल तथा भंवर सिंह को हत्या कर साक्ष्य मिटाने और गैंगेस्टर एक्ट के अपराध का दोषी पाया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राजपाल सिंह तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम की दलीलों के आधार पर दोनों को हत्या के आरोप में फांसी की सजा, गैंगेस्टर के आरोप में छह-छह साल और छह-छह हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। निर्णय सुनने के लिए दोनों लोग गुरुवार को घर से अदालत आए थे।