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रुड़कीः जीआरपी बैरक में हत्या, लेकिन चार घंटे पुलिस अंजान!

Fri, 29 Jul 2016 01:27 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
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हत्या - फोटो : Getty
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रुड़की में रेलवे स्टेशन से लगी जीआरपी बैरक में एक कांस्टेबल की हत्या के मामले में पुलिस अफसरों को चार घंटे तक वारदात का पता ही नहीं चला।
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पुलिस को यह भी नहीं मालूम कि हत्या किसकी हुई और किसने की। कौन-कौन पुलिसकर्मी जीआरपी बैरक में पार्टी कर रहे थे। घटना के बाद चार घंटे बाद जीआरपी चौकी इंचार्ज की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद मृतक कांस्टेबल के परिजनों को मामले की सूचना दी गई। पूरे घटनाक्रम से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजन भी पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए लीपापोती करने के आरोप लगा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार कांस्टेबल अमित चौधरी पीरुमदारा चौकी थाना रामनगर जिला नैनीताल में तैनात था और वर्तमान में कांवड़ ड्यूटी में रुड़की आया हुआ था। बुधवार की रात कांस्टेबल संजय की ओर से रुड़की रेलवे स्टेशन के समीप जीआरपी बैरक में पार्टी रखी गई थी, जहां कांस्टेबल राजा गौतम, कांस्टेबल अमित चौधरी और एक अन्य को बुलाया गया था।
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बताया जा रहा है कि पार्टी के दौरान ही रात करीब साढ़े दस बजे स्टेशन के पास जीआरपी बैरक में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जांच में पता चला कि कांस्टेबल अमित चौधरी को गोली लगी है जो कांस्टेबल संजय के लाइसेंसी रिवाल्वर से चली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

गंगनहर थाना प्रभारी जवाहर लाल, जीआरपी एसओ डीएस बाजवा, सीओ सिटी एसके सिंह, एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल सहित तमाम पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपी कांस्टेबलों से पूछताछ भी की, लेकिन मीडिया की ओर से जानकारी मांगने पर पूरे मामले से अंजान बने रहे। अधिकारी चार घंटे तक सिर्फ यही जानकारी जुटा पाए कि एक पुलिस कर्मी को गोली लग गई है, लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम चला कि किसको गोली लगी, कहां गोली चली और किसने गोली मारी।

यही नहीं मौत की पुष्टि होने के घंटों बाद तक परिजनों को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। मृतक कांस्टेबल के भाई सुमित चौधरी का कहना है कि उन्हें देर रात 2.30 बजे घटना के संबंध में सूचना दी गई। इससे पहले रात करीब 2.20 पर जीआरपी चौकी इंचार्ज की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। यही कारण है कि परिजन पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठा रहे हैं।

कांस्टेबल की मौत में हत्या का मुकदमा दर्ज

अदालत का फैसला
जीआरपी बैरक में कांस्टेबल की गोली से ही दूसरे कांस्टेबल की मौत के मामले में जीआरपी चौकी इंचार्ज की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

तहरीर में चौकी इंचार्ज ने दूसरे साथी पर ही प्रथमदृष्ट्या हत्या का शक जताया है। गंगनहर कोतवाली प्रभारी को दी गई तहरीर में रेलवे स्टेशन जीआरपी चौकी इंचार्ज ने बताया कि बुधवार की रात करीब साढ़े दस बजे प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल अब्दुल वासित ने जीआरपी बैरक में गोली चलने की सूचना दी।

मौके पर जाकर देखा तो कांस्टेबल अमित चौधरी को गोली लगी थी, जो कांस्टेबल संजय के लाइसेंसी पिस्टल से चली थी। इसके बाद मौके पर मौजूद कांस्टेबल राजा गौतम और संजय दोनों कांस्टेबल अमित को सिविल अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने अमित को मृत घोषत कर दिया।

पूछताछ में कांस्टेबल संजय ने स्वीकार किया कि उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर से कांस्टेबल अमित चौधरी को गोली लगी है। इसके आगे पूछताछ में उसने कुछ नहीं बताया है। तहरीर में उन्होंने हत्या की आशंका जताई। तहरीर के आधार पर गंगनहर कोतवाली में हत्या का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच गंगनहर एसएसआई देवराज शर्मा को सौंपी गई है। 

कहीं पुराना विवाद तो नहीं हत्या का कारण
कांस्टेबल अमित चौधरी की गोली लगने से हुई मौत के बाद परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। परिजनों के अनुसार लगभग एक सप्ताह पहले अमित चौधरी का रुड़की में किसी से विवाद हुआ था। इससे चिंतित होकर अमित ने अपने फुफेरे भाई विक्की को मामले से अवगत कराया था, जो फिलहाल बीएसएफ में है और शिलांग में तैनात है, लेकिन उस दौरान उसने समझा बुझाकर अमित को शांत करा दिया था।

अब अमित की मौत के बाद परिजन इसे पिछले विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर आने पर मामले को जांच में शामिल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार अमित चौधरी कांवड़ ड्यूटी में रुड़की आया हुआ था और उसके फूफा सोमपाल रुड़की के गीतांजलि विहार में ही रहते हैं। अक्सर अमित चौधरी ड्यूटी खत्म करने के बाद रात को अपने फूफा के पास गीतांजलि विहार चला जाता था।

फूफा सोमपाल ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले अमित ने अपने फुफेरे भाई विक्की को फोन कर रुड़की में किसी विवाद के संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद विक्की ने उसे समझा बुझाकर मामला ठंडा कर दिया था, लेकिन विवाद क्या था और किससे था। इस संबंध में सोमपाल अधिक जानकारी नहीं दे सके।

उन्होंने बताया कि आरोपी कांस्टेबल संजय के साथ अमित चौधरी का पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इस संबंध में अमित ने परिजनों को जानकारी भी दी थी। ऐसे में अब संजय की गोली से ही अमित की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजन एक सप्ताह पूर्व हुए विवाद के बाद अमित की विक्की से हुई बात और संजय से पैसों की लेनदेन को भी इसी मामले से जोड़कर देख रहे हैं।
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फोरेंसिक और बैलेस्टिक जांच से होगा खुलासा

हत्या की जांच - फोटो : demo pics
कांस्टेबल अमित चौधरी की मौत के मामले में फोरेंसिक और बैलेस्टिक जांच से असलियत का खुलासा हो सकता है।

जांच अधिकारी एसएसआई देवराज शर्मा की ओर से भी मामले में फोरेंसिक और बैलेस्टिक जांच कराने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के लिए रिवाल्वर सहित अन्य चीजें कब्जे में ली गई हैं। मालूम हो कि अमित को सीने में गोली लगी है। ऐसे में यह तय है कि व्यक्ति अपने आप को सीने में सीधे गोली नहीं मार सकता है। फोरेंसिक जांच में इसका खुलासा हो सकता है।

मासूम के सिर से उठा पिता का साया
कांस्टेबल अमित चौधरी की मौत से उसके ढाई साल के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिजनों के अनुसार पांच साल पहले ही धूमधाम से अमित की शादी हुई थी। उसका ढाई साल का एक बेटा भी है। परिजनों के अनुसार अमित अपने घर में इकलौता कमाने वाला सदस्य था। इससे पहले उसके पिता की भी मौत हो चुकी है।

पुलिस अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
अमित चौधरी के शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर जसपुर चले गए। इससे पहले सिविल अस्पताल परिसर में ही एसएसपी जीआरपी अरुण मोहन जोशी, एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल, गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल, जीआरपी एसओ डीएस बाजवा सहित तमाम पुलिस अधिकारियों ने मृतक कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित की।

ड्यूटी छोड़कर पार्टी मना रहा था एक कांस्टेबल
जीआरपी के बैरक में पुलिस कर्मियों की पार्टी सवालों के घेरे में है। एक ओर जहां जीआरपी से स्थानांतरित होने के बाद कांस्टेबल संजय की ओर से बैरक में पार्टी रखी गई थी, वहीं दूसरी ओर ड्यूटी छोड़कर कांस्टेबल राजा गौतम पार्टी में शामिल हुआ था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कांस्टेबल राजा गौतम की बीटीगंज रामदयाल चौक पर रात्रि ड्यूटी लगाई थी, लेकिन इस दौरान वह मौका पाकर पार्टी में शामिल होने चला गया था। मालूम हो कि कांस्टेबल राजा गौतम की तैनाती भी पीरुमदारा चौकी रामनगर नैनीताल में है, लेकिन वह भी कांवड़ ड्यूटी में रुड़की आया है।
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