बोगना निवासी अनिल सिंह (45) मुंबई के एक कंट्रक्शन कंपनी में मजदूर उपलब्ध कराने की ठेकेदारी करते थे। वह बीते 17 अक्तूबर को अपनी पत्नी सीमा और पुत्र शनि के साथ वाराणसी किसी जमीन की रजिस्ट्री के सिलसिले में आए थे। वहां से वह घर बोगना चले आए। शाम को ठेकेदार अनिल सिंह और उनका भतीजा राजकुमार दरवाजे पर फोन से बात कर रहे थे। इसी दौरान चार लोग हथियार से लैस होकर पहुंचे। दो लोग उन्हें ललकारने लगे। जबकि अन्य दो ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
गोली ठेकेदार अनिल सिंह के सीने और शरीर के अन्य हिस्से में लगी। जबकि भतीजा राजकुमार सिंह के हाथ में लगी है। उधर इस बीच आटा चक्की में गेहूं देने जा रहे ग्रामीण हरिकेश राम के पैर में गोली लगी है। तीनों लहूलुहान होकर घटना स्थल पर गिरकर छटपटाने लगे। जब तक ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचते वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को उपचार के जिला अस्पताल भेज दिया, यहां डाक्टरों ने ठेकेदार अनिल सिंह को मृत घोषित कर दिया।
उनके भतीजा और ग्रामीण का उपचार चल रहा है। उधर हत्या की जानकारी मिलते ही एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से पूछताछ के बाद बोगना गांव के लिए रवाना हो गए। एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह ने मरदह, बिरनों, नोनहरा, जंगीपुर और कासिमाबाद थाने की पुलिस टीम गठित कर दी है। छह थानों की टीम एसपी ग्रामीण और कासिमाबाद सीओ के नेतृत्व में संभावित ठिकानों पर दबिश देने में जुटी है।
एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि जमीन संबंधी विवाद में गांव के ही कुछ लोगों ने अनिल सिंह और राजकुमार सिंह पर गोली चलाई है। इसमें अनिल सिंह की मौत हो गई है। पुरानी रंजिश बताई जा रही है। परिजनों की ओर से तहरीर देने की तैयारी हो रही है। तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई होगी। बोगना गांव में पुलिस टीम तैनात कर दी गई है।