सीओ अनुज चौधरी हमेशा चर्चा में रहे। जब उन्हें अर्जुन अवार्ड नहीं मिला था तो वे धरना देकर बैठ गए थे। तत्कालीन खेल मंत्री सुनील दत्त ने हस्तक्षेप कर अर्जुन अवार्ड दिलाया था।
मुजफ्फरनगर के बढ़ेड़ी गांव में जन्मे ओलंपियन सीओ संभल अनुज चौधरी की जिंदगी में खूब उतार-चढ़ाव रहे हैं। गांव के अखाड़े से निकलकर वह 10 साल राष्ट्रीय चैंपियन रहे। कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। अर्जुन अवार्ड नहीं मिला तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए। तत्कालीन खेल मंत्री सुनील दत्त के हस्तक्षेप के बाद अगले साल अवार्ड मिला था।
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दंगल से गोरखपुर हॉस्टल तक का सफर तय कर कुश्ती का ककहरा सीखा। प्रो कुश्ती लीग के ब्रांड एंबेसेडर रहे। इसके अलावा उन्हें मॉडलिंग का शौक है। साल 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीता था, जिसके बाद अखाड़ा छोड़कर यूपी पुलिस की नौकरी में आ गए। उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चाओं में रही।
यूपी पुलिस में नौकरी के दौरान उनके तेवर कभी शोहरत की वजह बने तो कभी उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।
मुफ्ती बोले थे, नौकरी छोड़कर राजनीति करें सीओ
संभल में सीओ के बयान के बाद ऑल इंडिया इमाम संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि सीओ को नौकरी छोड़कर राजनीति करनी चाहिए। वह विशेष पार्टी के प्रवक्ता की तरह बयान दे रहे हैं।
आजम खान से बहस हुई थी वायरल
सीओ अनुज चौधरी सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खान से बहस को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। खान सपा के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुरादाबाद जा रहे थे। इस दौरान सीओ सिटी रहते हुए अनुज चौधरी ने उन्हें रोका, जिस पर दोनों की बहस हुई थी।
बागपत में मिली खास तैनाती, बना दिए थे सीओ रमाला
साल 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सीओ अनुज चौधरी को बागपत में तैनाती दे दी गई थी। यही नहीं वह छपरौली विधानसभा के रमाला सर्किल के सीओ भी बना दिए गए। चुनाव के बाद हालांकि जिले से फिर उनका तबादल हो गया था।
विक्की त्यागी की हत्या के मामले में मिली थी क्लीन चिट
गैंगस्टर विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी की 16 फरवरी 2015 को कोर्ट में ही पेशी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्य हत्यारोपी सागर मलिक ने आत्मसमर्पण कर दिया था। विक्की की मां सुप्रभा त्यागी ने सीओ अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर सचिन मलिक, सिपाही विकास समेत 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सीबीसीआईडी ने जांच के बाद सीओ, इंस्पेक्टर और सिपाही समेत सात लोगों को क्लीन चिट दे दी थी।