मुजफ्फरनगर में चार दिनों से जारी खून खराबे के बाद बुधवार को जनजीवन पटरी पर लौटता दिख रहा है। पांचवें दिन किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
हालांकि बागपत में दो समुदायों के बीच फिर हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में एक कांस्टेबल जख्मी हो गया।
इस बीच जौली उपद्रव में लापता किसान का शव बुधवार को जटवाड़ा नहर से बरामद हो गया, वहीं एक और घायल ने दम तोड़ दिया। उधर शामली और सहारनपुर में एक-एक शव बरामद किया गया है।
सामान्य हो रही स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरनगर शहर में कर्फ्यू में पांच घंटे की ढील दी गई। दोनों समुदाय के लोगों ने एक दूसरे के इलाके में आकर खोए विश्वास को पाने की पहल की है।
हिंसा में झुलसे जनपद में बुधवार का दिन सुकून भरा रहा। मिलिट्री और पुलिस की सख्ती के चलते उपद्रवियों के हौसले पस्त हुए हैं।
अलबत्ता तीन दिन तक लगातार हुई हिंसा के शिकार हुए लोगों के शव मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जौली गंगनहर के उपद्रव में लापता हुए भोकरहेड़ी के सोहनबीर का शव जटवाड़ा नहर के पास से बरामद हो गया।
बसेड़ा के गायब ब्रजपाल की तलाश में नहर खंगाली जाती रही। वहीं, पुरबालियान हमले में घायल काकड़ा के विकास ने मेरठ के अस्पताल में दम तोड़ दिया है। शहर में सुबह को छिटपुट घटनाएं हुईं।
लद्दावाला में रात में पत्थर फेंकने और पानी के टैंक तोड़ने को लेकर हुई कहासुनी के बाद दो पक्षों में मारपीट के बाद मामूली पत्थरबाजी हो गई।
सेना ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। दोनों पक्षों के छह लोगों को पकड़कर थाने लाया गया। इस घटना के बाद ढील को लेकर कश्मकश चलती रही।
दोपहर बारह बजे से लेकर शाम पांच बजे तक कर्फ्यू में ढील रही तो लोग खरीददारी करने एक दूसरे के इलाके में गए।