झांसी-ललितपुर संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी उमा भारती के नामांकन के खिलाफ अधिवक्ता हरिओम सक्सेना द्वारा जताई गई आपत्ति को अस्वीकृत कर दिया गया।
रिटर्निंग ऑफिसर/जिलाधिकारी को दिए पत्र में अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि उमा भारती की सिविल डेथ हो चुकी है। ऐसे में उनका नामांकन पत्र निरस्त किया जाए।
प्रार्थना पत्र में अधिवक्ता ने कहा था कि उमा भारती ने 16 वर्ष की आयु में परंपरानुसार संन्यास धारण किया था। तब उन्होंने अपना पिंडदान भी किया था। उनका गृहस्थ आश्रम से कोई वास्ता नहीं है, जिससे कानून की नजर में उनकी सिविल डेथ हो चुकी है। ऐसा व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अर्ह नहीं हो सकता। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने मात्र से उसकी प्रत्याशा कानून सम्मत नहीं मानी चाहिए। अधिवक्ता ने उमा भारती का नामांकन पत्र अस्वीकृत करने की मांग की।
वहीं, इस मसले पर जिलाधिकारी समीर वर्मा ने बताया कि उमा भारती निर्वाचन अर्हता पूरी करतीं हैं। उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। ऐसे में उक्त शिकायत पर किसी तरह की कार्रवाई का कोई प्रश्न ही नहीं है।