चित्रकूट/भरतकूप। पत्थर खदानों में काम करने वाली किशोरियों से मजदूरी के बदले यौन शोषण के आरोप की मजिस्ट्रेटी जांच दूसरे दिन भी जारी रही। सदर एसडीएम की अध्यक्षता में चल रही जांच के दूसरे दिन खदानों के संचालक, मुनीम व मजदूरों के बयान दर्ज किए गए। जांच टीम ने पहले दिन यानी बुधवार की अंतरिम रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में सौंप दी है। जानकारों के मुताबिक अंतरिम रिपोर्ट में किसी ने यौन शोषण की बात कबूल नहीं की है।
ठेकेदारों और बिचौलियों के भरतकूप के आसपास के गांवों की किशोरियों से मजदूरी के लिए यौन शोषण का आरोप सामने आने के बाद हड़कंप है। बुधवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने छह सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। इसके बाद डीएम ने दावा किया कि चिह्नित परिजनों ने बताया कि वीडियो में कही गई बात सही नहीं है। डीएम यौन उत्पीड़न के मामले से इंकार कर रहे हैं। वहीं जांच समिति के अध्यक्ष सदर एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि पहले दिन की अंतरिम रिपोर्ट डीएम कार्यालय में सौंप दी है। विस्तृत जांच कर बयान लिए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को छह सदस्यीय टीम खदान पहुंची। खदान के पट्टा धारकों और मुनीमों के बयान लिए गए। मजदूर परिवारों से भी बातचीत की गई। एसडीएम ने बताया कि 24 घंटे में पूरी रिपोर्ट को डीएम कार्यालय में जमा करने की संभावना है। टीम यौन शोषण से इंकार कर रही है।