यमुना में बाढ़ आने के बाद सरधुआ, भदेदू क्षेत्र में संचालित नाव।
तिरहार क्षेत्र में यमुना नदी पूरे उफान पर है। क्षेत्रके आधा दर्जन गांवों के खेत जलमग्न हो गए है। एडीएम हवलदार सिंह व एसडीएम जयचंद्र पांडेय टीम के साथ गांवों में पहुुंचकर किसानों से बात की। यमुना नदी का खतरे का निशान 93.20 मीटर है, रविवार की शाम तक पानी 91.20 से थोड़ा ऊपर पहुंच चुका था।
बारिश बंद होने के बाद भी राजापुर क्षेत्र की हालत में अभी सुधार नहीं आया है। बाढ़ व बारिश होने से खोपा, चिल्ली, सरवल, नैनी, दुबारी, बिहारा, तीर धुमाई, कनकोटा, उद़घटा, अरर्की कुशैली, महुवा, सरधुवा तीरधुमाई, भदेदू गांवों की हजारों बीघा में लगी फसल जलमग्न हो गयी है।
तिल, ज्वार, बाजरा सहित अन्य फसलें नष्ट होने से किसान चिंतित हैं। रविवार को एसडीएम जयचन्द्र पांडेय तहसीलदार राजकुमार ने क्षेत्र के प्रभावित हुए गांवों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ितों से मिलकर समस्या जानी। एडीएम ने बताया कि यमुना नदी का पानी जिस गति से बढ़ रहा है वह चिंताजनक है लेकिन दो दिनों से बारिश थमने के कारण उम्मीद है कि पानी खतरे के निशान के ऊपर नहीं जाएगा। जिन गांव का संपर्क मुख्यालय से कट गया है वहां के लोगों को समय रहते हर तरह की मदद दिलाई जाएगी।