शहर के बल्दाऊ मंदिर में सजी भगवान की मूर्तियां।
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धर्मनगरी में सावन में भगवान के झूला महोत्सव का आयोजन किया जाता है। रक्षाबंधन के दूसरे दिन मंदिरों में इसका समापन किया गया। सूदूर क्षेत्र से आये तीर्थ यात्रियों ने भजन कीर्तन के साथ सावन के गीत गाये। बल्दाऊ मंदिर समेत सभी स्थानों पर प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ।
शहर के कसहाई रोड स्थित बल्दाऊ मंदिर में सावन के महीने में झूला महोत्सव का आयोजन हुआ। अंतिम दिन भजन कीर्तन के साथ कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। महिलाओं ने सावन के भजन प्रस्तुत किए। इस मौके पर मानस समिति के अध्यक्ष राजू करवरिया, लक्ष्मी केशरवानी, रज्जन गुप्ता, राजकरण, संजीव श्रीवास्तव, रामआसरे श्रीवास्तव, प्रमोद, गंगा प्रसाद, राम दुलारे आदि मौजूद रहे।
वहीं धर्मनगरी के जानकी महल जानकी कुंड आश्रम के महन्त सीता शरण महाराज व फालहारी आश्रम के महन्त राम प्यारे दास की अगुवाई में आश्रम में दस दिनों तक झांकी झूला महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। धर्मनगरी में इस उत्सव को देखने के लिए देश के विभिन्न प्रदेश से भक्त आये। जिन्होंने दस दिनों तक भजन कीर्तन कि साथ भगवान के दर्शन किए।