आला अफसर प्रदेश सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। ज्यादातर अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ओवरलोडिंग के मामले में पुलिस बड़े वाहनों का चालान नहीं कर रही है बल्कि दुपहिया और चौपहिया वाहनों के चालकों को कागजात के नाम पर उत्पीड़न जरूर कर रही है।
सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने चेतावनी दी है कि अधिकारी ईमानदारी के साथ सही काम करें नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों की सूची बनाई जाएगी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इनको अच्छे पदों पर नवाजा जाएगा। सांसद ने गुरुवार को भाजपा के धरना प्रदर्शन में यह बात कही।
गुरुवार को मऊ में तहसील परिसर में सांसद बतौर मुख्य अतिथि के रूप में धरने को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व भाजपाइयों ने वरिष्ठ नेता नवल किशोर मिश्र के घर से तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला। भाजपाई प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
बाद में तहसील परिसर में धरना दिया। सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने प्रदेश सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में अधिकारी निरंकुश हो गए हैं और गलत काम हो रहे हैं। बड़े अपराधियों को छोड़ा जा रहा है, गरीबों को सताया जा रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को साफ सुथरे अधिकारियों की सूची बनाने को कहा, जिससे प्रदेश में भाजपा की सरकार आने पर उन्हें अच्छे और जिम्मेदार पदों पर नियुक्त किया जाए। इसके अलावा चापलूस अधिकारियों की लिस्ट बनाएं। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
सांसद ने कहा कि अगर किसानों को पूरा मुआवजा न बांटा गया तो पंद्रह अगस्त के बाद अधिकारियों का उनके कार्यालयों में बैठना मुश्किल कर दिया जाएगा। इसके अलावा संतोष कुमार गुप्ता ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठाई। पुष्पा मिश्रा ने कहा कि कसबे में बिजली-पानी की समस्या है। इनको हल कराने की कोशिश भाजपाई करेंगे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष जयविजय सिंह, संतोष गुप्ता, दिनेश तिवारी, रंजना उपाध्याय, बनारसी लाल, मुन्नालाल प्रजापति, चंद्रप्रकाश शुक्ला, रमेश शुक्ला, चंद्र प्रकाश खरे, राघवेंद्र सिंह, नवल किशोर मिश्रा, ओमनारायण दुबे आदि मौजूद रहे। भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम मिश्रीलाल को राज्यपाल को संबोधित 24 सूत्रीय ज्ञापन दिया।
सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के इशारे पर एसडीएम ने माइक लगाने की परमीशन नहीं दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मना करने भी आया। एसडीएम खुद आएं और इसे बंद कराएं। उन्होंने कहा कि बिना माइक के भीड़ को अपनी बात कैसे बताएं। पूरी सभा में माइक से भाषणबाजी होती रही।