भारतीय बौद्ध महासभा उप्र और अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन चित्रकूट ने कांशीराम पुस्तकालय पंचायत भवन कर्वी माफी में शनिवार को सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई। इस मौके पर लोगों ने कहा कि शिक्षा के लिए महिलाओं को आगे आने की जरूरत है।
कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिशरण पंचशील बुद्धवंदना से किया गया। अध्यक्षता पूर्व प्रधान कर्वी माफी विद्यावती ने की। उन्होंने बताया कि सावित्री बाई फुले की शादी बचपन में हो गई थी और उनको ज्योतिबा फुले ने घर में पढ़ाया। बाद में उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए (पूना) महाराष्ट्र में पहली पाठशाला खोली थी।
उन्होंने भारत की प्रथम महिला अध्यापिका होने का गौरव पाया। उन्होंने कहा कि हर साल उनका जन्मदिन संकल्प दिवस के रूप में मनाना चाहिए। कार्यक्रम को जितेंद्र कुमार, संतोष कुमार सिंह, अशोक कुमार, महेंद्र कुमार, रामप्रकाश, विनोद कुमार, मनीष कुमार, काजल, पूनम, गुंजन, स्वाति, कल्लू प्रसाद, सुकुरी देवी आदि ने भी संबोधित किया। संचालन गया प्रसाद बौद्ध ने किया।