मानिकपुर/सरैंया (चित्रकूट)। थाना क्षेत्र की काली घाटी की झाड़ियों के पास मंगलवार की सुबह हाथ पैर बंधी महिला मिली है। उसके जिंदा होने पर पुलिस टीम ने तत्काल उसे सीएचसी में भर्ती कराया। महिला ने ससुरालियों पर अगवा करने व सादे कागज में हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है।
बांदा जिले के नरैनी निवासी बुद्धप्रकाश ने बताया कि उसकी पुत्री रजनी यादव का विवाह भरतकूप के दुर्जनपुरवा मऊबा निवासी शिवगोपाल के साथ दो साल पहले किया था। पति की मौत के बाद से ससुरालियों ने उसका उत्पीड़न शुरु कर दिया। उसका हिस्सा भी नहीं दे रहे थे। इससे परेशान होकर वह अपनी बड़ी बहन मछरिहा शिवरामपुर निवासी संपत के घर आ गई थी। रजनी ने आरोप लगाया कि सोमवार की रात को उसके ससुरालीजन (जेठ व ससुर) चार पहिया वाहन से आए और उसे जबरन घर से ले जाकर सादे कागज में अंगूठा निशान लगवा लिया। इसके बाद उसके हाथ पैर बांधकर मारने का प्रयास किया और काली घाटी में फेंककर भाग गए। सुबह होश आने पर वह किसी तरह सड़क तक पहुंंची और राहगीरों से मदद ली।
गुलाबी गैंग ने पुलिस कार्यशैली पर उठाए सवाल
चित्रकूट। गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल ने इस प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाये हैं। आरोप लगाया कि भरतकूप व शिवरामपुर चौकी की पुलिस टीम निर्दोषों को परेशान कर धन उगाही करती है। रजनी के ससुरालियों से भी मोटी रकम लेकर उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला बार बार कह रही है कि उससे अंगूठा निशान लगवाकर संपत्ति लिखा ली लेकिन पुलिस जांच करने को तैयार नहीं है। इसे लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।