चित्रकूट। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती की अदालत में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के एक मामले में गवाह बयान से मुकर गए। साक्ष्य के अभाव में आरोपी रोहित उर्फ दीपेश को दोषमुक्त करार दिया गया।
पुलिस के अनुसार रोहित उर्फ दीपेश पर 8 जनवरी 2024 को अपने साले रिशु कुमार के घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचक ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने रिशु कुमार को मुख्य गवाह के रूप में पेश किया, हालांकि, उसने अपने बयान में कहा कि उन्होंने रोहित के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी थी। यह भी बताया कि पुलिस ने उनकी पत्नी के साथ मामूली विवाद के बाद सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए थे। गवाह रिशु कुमार ने न्यायालय में कहा कि रोहित ने 8 जनवरी 2024 को उनके साथ कोई अपराध नहीं किया था। इसी तरह मामले में दूसरे गवाह अनुज कुमार ने भी घटना के बारे में जानकारी होने से इंकार किया। उन्होंने पुलिस को कोई बयान देने से भी मना किया। अदालत ने गवाहों के अपने बयान से मुकरने से आरोपी रोहित पर कोई अपराध नहीं बनता है। ऐसे में आरोपी को मारपीट के मामले में बरी किया जाता है।