चित्रकूट लकड़ी के खिलौने के शिल्पकार बलराम राजपूत। संवाद
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चित्रकूट/खोही। आज यानी रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लकड़ी के खिलौने बनाने वाले जिले के दो शिल्पकारों बलराम राजपूत और धीरज द्विवेदी से मन की बात करेंगे। इसके लिए दूरदर्शन की टीम मुख्यालय पहुंच चुकी है। यहां के लकड़ी के खिलौनों के व्यापार को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल किया गया है। लकड़ी के खिलौने का व्यापार करोड़ों रुपये का है, लेकिन अब कुछ परिवार ही इस पुश्तैनी कार्य को कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री से रूबरू होने को लेकर दोनों शिल्पकारों में खासा उत्साह है। इसके लिए दोनों ने खास तैयारी भी की है। शिल्पकार धीरज द्विवेदी और बलराम राजपूत का कहना है कि लकड़ी के खिलौने के कारोबार में कई प्रशासनिक अड़चनें आती हैं।
लकड़ी की पर्याप्त उपलब्धता भी नहीं होती है। इससे कई समस्याएं आती हैं। इन समस्याओं को लेकर वह प्रधानमंत्री से बात करेंगे। इसके पहले जब प्रधानमंत्री बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के भूमि पूजन में भरतकूप के रसिन गांव आए थे तब भी इन शिल्पकारों के लकड़ी के खिलौने के स्टाल उन्होंने देखे थे। शिल्पकारों की बनाई गई लकड़ी की पंचमुखी गणेश प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की गई थी।
बच्चों का मनोरंजन और घर की शोभा बढ़ाते हैं खिलौने
यहां लकड़ी के खिलौने अब आधुनिक डिजाइन के भी बनने लगे हैं। ये बच्चों का मनोरंजन तो करते ही हैं, साथ ही घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए फिरंगी और कड़कड़ा अधिक प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा तोता, मुर्गा और अन्य चिड़ियों सजीत खिलौने बनाये जाते है। घर की सजावट के लिए लकड़ी के गमले और अन्य वस्तुएं बनाते हैं।