अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। इनामी डाकू गोप्पा के जेल जाने के बाद बचे गैंग का सरगना महेंद्र पासी उर्फ धोनी की भी मौत हो गई। गैंग के हथियारों का जखीरा तो पुलिस ने सुरागकसी कर बरामद कर लिया पर सवाल यह भी उठता है कि आखिर यह राइफलें किसकी है। कहां से गैंग के पास कारतूस आईं। इसकी किसी ने अभी तक पुष्टि नहीं की। गोप्पा गैंग ने कई लाइसेंसधारियों से उनकी राइफल व बंदूक भी लूटी थी। जिसमें एक बार पहाड़ी के पास कौशांबी जिले के निवासी की लूटी राइफल को लौटाने के लिए सौदा करने गये तीन युवकों को पहाड़ी के ओरा गांव के पास गोली मार दी थी। एक राइफल के बारे में माना जा रहा है कि पुलिस विभाग की होने की संभावना है लेकिन कहां और किससे लूटी इसका डिटेल नहीं मिला है।
सरैंया चौकी अंतर्गत कौबरा गांव से पुलिस ने गोप्पा गैंग के असलहे बरामद किया था। गैंग को मदद पहुंचाने वाले एक युवक के पास से सभी असलहे मिले थे। जिसमें एक 303 बोर राइफल, एक थर्टी स्प्रिंग फैक्ट्रीयमेड राइफल, एक दो नली बंदूक 49 जिंदा थर्टी स्प्रिंग कारतूस, 80 जिंदा थर्टी स्प्रिंग कारतूस बरामद हुए हैं। इसके साथ ही हैंड ग्रेनेड भी मिले हैं। मिले हथियारों के बाद सवाल उठाए जा रहे है कि आखिर यह असलहे किसके हैं। गोप्पा गैंग ने कई लाइसेंस धारियों से भी असलहे छीने थे। जिसमें पहाड़ी क्षेत्र मेें एक ग्रामीण से रास्ते में जाते समय राइफल छीन लिया था। राइफल लौटने को लेकर गैंग ने ग्रामीण से रुपये मांगे थे। जिसको लेकर तीन युवक गोप्पा गैंग के पास गये थे। जिनक ो गोप्पा ने गोली मार कर हत्या कर दिया था। उसी समय से डाकू गोप्पा का नाम तेजी से सुर्खियों में आ गया था। मिले हथियारों में एक राइफल भी है कहीं यह राइफल वहीं तो नहीं हैं। इसी तरह से एक दोनाली बंदूक भी बरामद हुई है। यह भी देखने में लगती है किसी लाइसेंसी की बंदूक है जिसको गोप्पा गैंग ने छीना था। बंदूक के अलावा सैकड़ों कारतूस मिले हैं। आखिर गैंग के पास इतने सारे कारतूस कहा से पहुंच गये इसका खुलासा नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है मिलने वाले हथियारों की विशेष जांच की जाए। जो लोग डाकुओं को कारतूस की सप्लाई करते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक मनोज झा का कहना कि इस मामले की जांच की जा रही है।