अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। इसे बारिश का प्रकोप कहें या फिर प्रशासन की उदासीनता। शव का अंतिम संस्कार करने लोगाें को घुटने तक पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार शव को कंधा दे रहे लोग गिरे तो शव भी पानी में गिरा। यह नजारा सभी देखते हैं लेकिन मानिकपुर प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंगती।
हालत जिले की सबसे पुरानी तहसील मानिकपुर कस्बे का है। कस्बे के पेट्रोल पंप के पीछे हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय का शवदाह व कब्रिस्तान बना है। कस्बे में बडे़ वादे पूरा करने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि व अधिकारियों की निगाह इस ओर कभी नहीं गई जबकि कभी कभार यहां से इनका आवागमन होता रहता है। अंतिम संस्कार वाले स्थान तक पहुंचने के लिए लगभग दो सौ मीटर सड़क ही बनवाने की जरू रत है लेकिन इसके लिए किसी का ध्यान नहीं है। इन दिनों मूसलाधार बारिश से इस सड़क पर जलभराव है। गुरुवार की सुबह कस्बे के व्यापारी संपत लाल गुप्ता (70) का निधन हो गया। उनके शव को लेकर परिजन, व्यापारी, जनप्रतिनिधि व कई समाजसेवी शवदाह की ओर चले।
कंधे में शव लेकर और उनके पीछे सैकड़ों लोग शवदाह की ओर जा रहे थे। कुछ लोग मिट्टी में फंसकर गिरे यहां तक कि शव लेकर चल रहा एक युवक लड़खड़ाया और शव पानी में गिरते गिरते बचा। महावीर नगर के सभासद सद़्दाम हुसैन ने बताया कि कई बार नगर पंचायत से लेकर ब्लाक व अन्य विभागीय अधिकारियों से इस मार्ग की सड़क बनवाने की मांग की है।