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Chitrakoot News: एक साथ पहुंचे चार शव तो दहाड़े मारकर रो पड़े परिजन

Mon, 03 Nov 2025 10:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। कैंप का पुरवा में बैजनाथ के परिवार में 24 घंटे पहले परिजन खूब खुश थे और राजी खुशी रविवार की सुबह उसके दोनों बेटे राजा भइया व अर्जुन अपने परिवार के साथ ससुराल ऐंचवारा जाने के लिए निकले थे। किसी को अहसास तक नहीं था कि यह उनका अंतिम सफर साबित होगा। हाईवे पर हादसे के बाद जब राजाभइया व उसके दो पुत्रों समेत अर्जुन के बेटे के शव गांव पहुंचे तो सभी दहाड़े मारकर रोने लगे। महिलाएं शव से लिपट गईं। ग्रामीणों ने किसी तरह ढांढस बंधाकर उन्हें शव से अलग किया। नम आंखों व लोगोंं की मौजूदगी में चारों शव का अंतिम संस्कार किया गया। हर आंख नम रही एक दूसरे से सभी यही कहते रहे कि हे भगवान ये कैसे हुआ।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के कैंप का पुरवा गढीवा गांव निवासी अर्जुन वर्मा व राजाभइया दोनों सगे भाई हैं। दोनों की शादी ऐंचवारा में एक ही घर में दो बहनों से हुआ। रविवार को साले के बेटे के जन्मदिन की पार्टी थी। शामिल होने को सभी पहुंचे थे। निजी बोलेरो से राजा भइया अपनी पत्नी शोभा देवी उर्फ गौरा, दो बेटे सुभाष, मोहित व पुत्री संध्या के अलावा अर्जुन अपनी पत्नी व बच्चे रोहित, अभिलाषा व ओमप्रकाश के साथ पार्टी में शामिल होने के बाद रात को गांव लौट रहे थे। इसी बीच हाईवे के खोह के पास सामने से आई रोडवेज बस से बोलेरो की टक्कर हुई। इसमें चार की मौत हो गई। शेष का इलाज चल रहा है। जिसने भी घटना को सुना वह दौडा घटनास्थल पहुंचा। राजाभइया की तो मौत हुई साथ ही उसके दोनों पुत्र की मौत हो गई। उसकी पत्नी व पुत्री का इलाज जारी है। अर्जुन के भी एक पुत्र एक पुत्री है। जिसमें पुत्र की मौत हो गई।
सोमवार को पूरे गांव में शोक व्याप्त रहा। जैसे ही देर शाम को चार शव गांव पहुंचे तो मौजूद हर आंखों से आंसू बहने लगे। जब अंतिम संस्कार के लिए चारों शव लेकर परिजन जाने लगे तो महिलाएं शव से लिपट गईं। बच्चे भी रोने लगे। पूरा माहौल गमजदा रहा। हर एक व्यक्ति एक दूसरे को सांत्वना देता दिखता रहा। पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक तीन थाने की पुलिस टीम सुरक्षा के लिए मौजूद रही।
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सभी पढ़ने वाले छात्र स्कूल में शोक
सड़क हादसे में मृत सुभाष तो एक साल से ही स्कूल जाना शुरु किया था। उसका भाई रोहित कक्षा पांच में पढता था। रोहित कक्षा 9 में पढ़ता था। तीनों जेपी इंटर कॉलेज व जेए पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। उनकी मौत की जानकारी होने पर दोनों स्कूल में शोक व्यक्त कर दो मिनट का मौन रखा गया।रोहित के दोस्त संदीप व गुलशन ने बताया कि वह पढ़ने में बहुत होशियार था। वह अक्सर कहता था कि उसे इंजीनियर बनना है।
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कई दा कहेव लरकन का न लइ जा पै नई माने....अब केहइका मू देख के रहियों
चित्रकूट। कैंप का पुरवा गढ़ीवा में राजाभइया व अर्जुन के परिजनों का हाल बेहाल रहा। कोई भी व्यक्ति उनके पास पहुंचता तो उससे लिपटकर परिजन रोने लगते और यही कहते कि आखिर उनसे कौन सी गलती हुई जिसकी इतनी बड़ी सजा भगवान ने दी है। राजा के पिता बैजनाथ तो देहाती भाषा में कहने लगे कि कई दा कहेव लरकन का न लइ जा पै नई माने....अब केहइका मू देख के रहियों। घरे मा दिनभर लरकन दौरत रहे हैं अब कसत होई। यह भी बताया कि जब दोनों के परिवार बोलेरो से जा रहे थे तो उसने लड़कों को न ले जाने के लिए कहा था लेकिन राजा व अर्जुन ने कहा कि रविवार है अवकाश भी है ऐसे में जाने दीजिए। (संवाद)
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मुआवजा मिलने पर फरवरी में ली थी बोलेरो
चित्रकूट। राजाभइया व अर्जुन के पास अब ज्यादा जमीन नहीं है। उनके पिता बैजनाथ बताते हैं कि उनकी एक जमीन चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस में अधिग्रहण होने से उसका मुआवजा मिला था। इसमें फरवरी माह में बोलेरो खरीदी थी। परिवार खेती मजदूरी ही करता है। बोलेरो लेने का भी उसने विरोध किया था लेकिन पुत्रों ने कहा कि इससे कुछ बुकिंग कर भी पैसा कमा सकेंगे। (संवाद)
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बस को पुलिस लाइन पहुंचाया
चित्रकूट। घटनास्थल पर रोडवेज बस व बोलेरो को पुलिस ने सड़क से हटा दिया है। बोलेरो का पूरा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त गया है। कोतवाल श्याम प्रताप ने बताया कि बोलेरो के कागज सही मिले हैं। रोडवेज बस की सवारी को रात में ही दूसरे साधन से भेजा गया था। बस को पुलिस लाइन में खडा कराया गया है। अभी पीड़ित परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। (संवाद)
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