चित्रकूट। जिले में सोमवार को हुई 64 मिलीमीटर बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है हालांकि किसानों के लिए यह राहत लेकर आई है। रविवार सुबह से सोमवार तक लगातार हुई तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया और आवागमन बाधित हुआ।
शहर की मिशन रोड, सीआईसी रोड और स्टेशन रोड पर जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। स्कूलों में उपस्थिति कम रही, दुकानों और सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। कर्वी के मकरी पहरा गांव में किसान दास वर्मा का कच्चा मकान बारिश में गिर गया, हालांकि परिवार सुरक्षित रहा।
कई कच्चे मकानों से पानी टपकने के कारण ग्रामीणों को अस्थायी इंतजाम करने पड़े। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के मौसम वैज्ञानिक उत्तम त्रिपाठी ने बताया कि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने अगले दो दिनों तक तेज बारिश के आसार हैं।
बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से नाले उफनाए
मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ गया है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के नाले भी उफान पर हैं। चमरौहा गांव के पास रपटे पर पानी आने से मऊ गुरदरी, पयासी का पुरवा और चमरौहा गांवों का संपर्क टूट गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण मऊ गुरदरी, पयासी का पुरवा, चमरौहा सहित कई परिषदीय विद्यालय बंद रहे। मानिकपुर खंड विकास अधिकारी मिथलेश कुमार ने शिक्षकों को बाढ़ के दौरान पास के विद्यालयों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
राजापुर बाजार में जलभराव से पसरा सन्नाटा
राजापुर (चित्रकूट)। नाग पंचमी और बारिश का मेल इस बार राजापुर वासियों पर भारी पड़ गया। बाजार सोमवार को सन्नाटे में डूबा रहा। शिक्षकपुरम रोड, सराय तलैया, तुलसी चौक, कमासिन रोड और कारखाना मोहल्ला पूरी तरह जलमग्न हो गए।
पानी घुसने से दुकानदार सामान बचाने में जुटे रहे। उधर, किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई। खेतों में पानी देखकर किसानों ने राहत की सांस ली। उधर, तुलसी जन्म कुटीर में चल रहे नवान्हपारायण पाठ में भी घंटों व्यवधान रहा। तुलसी जयंती को लेकर रंग-बिरंगी लाइटें और सजावट थी लेकिन कीचड़ और जलभराव ने तैयारियों की गति धीमी कर दी। (संवाद)
फोटो 17 सीकेटीपी 16 चमरौआ रपटा पर बहता पानी । संवाद
फोटो 17 सीकेटीपी 16 चमरौआ रपटा पर बहता पानी । संवाद
फोटो 17 सीकेटीपी 16 चमरौआ रपटा पर बहता पानी । संवाद