24 घंटे पहले खेत में गाड़े गए नवजात की कुंवारी मां को खोज लिया गया। प्रधान के घर लगी पंचायत में बताया कि बहनोई के भाई से प्रेम संबंध हो गए थे। लोक लाज के भय से उसने यह कदम उठाया। पंचायत में युवक और युवती को शादी के लिए तैयार कर लिया गया। साथ दोनों ने नवजात को अपनाने का भी वचन दिया है। गौरतलब है कि रैपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव के खेत में रविवार को तड़के गड्ढा खोदकर नवजात को गाड़ा गया। एक महिला ने नवजात को बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
इसके बाद नवजात को गोद लेने के लिए कई दावेदारों ने अर्जी लगाई। सोमवार को प्रधान के पति ने पूरे मामले में नवजात और उसकी मां की जानकारी की। इस पर पता चला कि उन्हीं के गांव के गेटा पुरवा का पुत्र है। जिसकी शादी नहीं हुई है और उसने लोक लाज के भय से नवजात को गड्ढे में रख दिया था। सोमवार को पूरे मामले में प्रधान के घर के पास पंचायत लगी। इसमें रैपुरा थानाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला भी पहुंचे। युवती व उसके परिजनों को बुलाया गया। युवती ने बताया कि उसके बहनोई के छोटे भाई से उसका प्रेम हो गया।
उसने शादी करने का भरोसा दिया था। पंचायत में उसके प्रेमी को भी बुलाया गया। प्रधान पति ने बताया कि दोनों को समझाकर शादी के लिए राजी किया गया। दोनों शादी कर पुत्र को अपनाने का वचन दिया है। इसके बाद दोनों जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन सीएमएस डा.एनके गुप्ता ने नवजात को सौंपने से इंकार कर दिया। उन्होेंने बताया कि चाइल्ड लाइन व पुलिस सूचना दी जा चुकी है। इससे अभी इन्हें नवजात नहीं सौंपा जाएगा। पुलिस अधिकारी चाहे तो युवती को नवजात सौंप सकती है।