रैपुरा थानाक्षेत्र के नटों का पुरवा बांधी में संचालित मदरसे से आधा दर्जन बच्चे सोमवार सुबह भाग निकले। बच्चों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बच्चों ने मदरसे में सही ढंग से शिक्षा नहीं देने और सुविधाओं का अभाव का आरोप लगाया है। पुलिस ने बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराकर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है।
बांधी के पास इस्लामपुरवा में कई सालों से मदरसा संचालित है। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने छह बच्चे और उनके पीछे मदरसा के शिक्षक, कर्मचारियों को दौड़ता देखा। ग्रामीणों ने बच्चों को पकड़कर ग्रामीणों ने पुलिस सूचना दी। रैपुरा थानाध्यक्ष संतशरण मौके पर पहुंचे तो उथर थाना क्षेत्र के रायपुर सुनौरी निवासी मो अरबाज पुत्र मो अनवर, शहीद पुत्र रफीक, मो. असलम पुत्र मो. जुम्मन, शहबाज खान पुत्र सब्बीर खान, रीवा(मप्र) के मनमाना खटकरी निवासी मो. शाहरुख पुत्र मो अंसार, रायपुर (छत्तीसगढ़) के मो इबरारा पुत्र मो रफीक ने आरोप लगाया कि मदरसे में सही तरीके से शिक्षा नहीं दी जाती और कई सुविधाओं का अभाव है।
इससे परेशान होकर वे सब भागकर गांव जा रहे थे। इधर, पुलिस को देखते ही मदरसा कर्मचारी लौट गए। उन्होंने अभी तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस ने पूरा मामला बाल कल्याण समिति व महिला हेल्प लाइन को सौंप दिया है। महिला हेल्प लाइन के रितू यादव ने बताया कि सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराकर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। इस मामले में जिला प्रोवेशन अधिकारी पुनीत टंडन ने बताया कि इन बच्चों के बताए पते के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई है। जब उनके परिजन आएंगे तो बच्चे उनके हवाले कर दिए जाएंगे। थानाध्यक्ष ने बताया कि मदरसा संचालक हफीज के खिलाफ कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है क्योंकि किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।
मदरसे के संचालक से प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। इस मामले में थानाध्यक्ष संतशरण ने बताया कि घटना के समय संचालक हफीज ने बताया था कि बच्चों को सही तरीके से रखा जाता है। आरोप गलत हैं। भागे सभी बच्चों के परिजन ही इन्हें यहां छोड़कर गए थे। अभी इनको छह माह भी नहीं हुआ है। ये सब अपनी मर्जी से ही भागकर जा रहे थे। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई है।