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जहरीली शराब पीने से पांच की मौत, तीन रेफर

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फोटो-15- राजापुर के खोपा गांव में शराब पीने से चार की मौत के बाद रोते बिलखते मृतकों के बच्चे व अन्य। ? - फोटो : CHITRAKUTT
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राजापुर (चित्रकूट)। राजापुर थाना अंतर्गत तिरहार क्षेत्र के खोपा गांव में जहरीली शराब पीने से एक ही बिरादरी के चार पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि निवर्तमान प्रधान समेत तीन की हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर किया गया। पूरे मामले में एसपी अंकित मित्तल ने थाने के बीट प्रभारी दरोगा समेत एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। जबकि लेखपाल राजेश को निलंबित कर दिया और गांव के चौकीदार सुनील की सेवा समाप्त कर दी गई है। जिस परचून की दुकान से देशी शराब खरीदी गई थी, उसमें ताला लगाकर शराब की पेटियों को पुलिस ने कब्जे में लिया है।
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खोपा गांव में शनिवार की शाम को कुछ लोग एक किसान के खेत में बैठकर भुने चने के साथ शराब की पार्टी कर रहे थे। यह देशी ब्रांड की शराब गांव के त्रिलोक सिंह की परचून की दुकान से खरीदी गई थी। देर रात शराब पीने के बाद सत्यम सिंह (25) पुत्र जितेंद्र सिंह, दुर्विजय सिंह (35) पुत्र कंचन सिंह, मुन्ना सिंह (40) पुत्र देवनाथ सिंह, छोटू सिंह (35) पुत्र रामनरेश सिंह, बबली सिंह(35) पुत्र अंबोल सिंह व निवर्तमान प्रधान मनोहर की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने सभी को राजापुर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मुन्ना सिंह की मौत हो गई। गौरतलब है कि शनिवार को ही गांव के ही सीताराम सिंह (60) पुत्र शिवपाल सिंह की भी मौत हुई थी। इन दोनों मौत शराब पीने से मानी जा रही है। घटना की जानकारी होते ही चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर दिनेश सिंह व आईजी के. सत्यनारायण चित्रकूट के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी अंकित मित्तल के साथ खोपा गांव पहुंचे। सभी ने शराब पीने से मौत होने का कारण बताया। इसके बाद अधिकारियों ने अस्पताल जाकर गंभीर बीमार वालों को प्रयागराज अस्पताल भेजा लेकिन कौशांबी जिले के मंझनपुर पहुंचते ही सत्यम व दुर्विजय की भी मौत हो गई। जबकि अन्य तीन को प्रयागराज में भर्ती कराया गया है।
राजापुर थाना अंतर्गत तिरहार क्षेत्र के खोपा गांव में जहरीली शराब पीने से एक ही बिरादरी के चार लोगों की मौत हो गई। जबकि निवर्तमान प्रधान समेत तीन की हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर किया गया। घटना की जानकारी होते ही पूरे गांव व आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर व आईजी समेत जिले के अधिकारी गांव पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया थाने के बीट प्रभारी व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। गांव से कुछ दूरी पर स्थित देशी शराब की दुकान को सीज कर नमूने लिए गए हैं। गांव की जिस परचून की दुकान से देशी शराब खरीदी गई उसमें ताला लगाकर मौजूद शराब की पेटी को पुलिस ने कब्जे में लिया है। उधर, घटना को लेकर ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत चुनाव में प्रधान पद की सीट आरक्षण को लेकर मृतकों व बीमारों की एक साथ शराब पीने की पार्टी के दौरान हुई है। मृतकों के परिजनों ने इसे गलत बताया और कहा कि सीट का आरक्षण बदलने की जानकारी से पहले की यह घटना है।
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खोपा गांव में शनिवार की शाम को कुछ लोग एक किसान के खेत में बैठकर भुने चने के साथ शराब की पार्टी कर रहे थे। यह देशी ब्रांड की शराब गांव के त्रिलोक सिंह की परचून की दुकान से खरीदी गई थी। देर रात शराब पीने के बाद सभी अपने घर पहुंचे तो अचानक तबीयत खराब होने लगी। जिसमें सत्यम सिंह (25) पुत्र जितेंद्र सिंह, दुर्विजय सिंह (35) पुत्र कंचन सिंह, मुन्ना सिंह (40) पुत्र देवनाथ सिंह, छोटू सिंह (35) पुत्र रामनरेश सिंह, बबली सिंह(35) पुत्र अंबोल सिंह व निवर्तमान प्रधान मनोहर की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर राजापुर अस्पताल पहुंचे। जहां मुन्ना सिंह की मौत हो गई।
गौरतलब है कि शनिवार को ही गांव के ही सीताराम सिंह (60) पुत्र शिवपाल सिंह की भी मौत हुई थी। इन दोनों मौत शराब पीने से मानी जा रही है। इससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी होते ही चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर दिनेश सिंह व आईजी के. सत्यनारायण चित्रकूट के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी अंकित मित्तल के साथ खोपा गांव पहुंचे। सभी ने शराब पीने से मौत होने का कारण बताया। इसके बाद अधिकारियों ने अस्पताल जाकर गंभीर बीमार वालों को प्रयागराज अस्पताल भेजा लेकिन कौशांबी जिले के मंझनपुर पहुंचते ही सत्यम व दुर्विजय की भी मौत हो गई। जबकि अन्य तीन को प्रयागराज में भर्ती कराया गया है।
शराब की बोतलों को जांच के लिए भेजा
राजापुर (चित्रकूट)। राजापुर थाना अंतर्गत तिरहार क्षेत्र के खोपा गांव में जहरीली शराब पीने से एक ही बिरादरी के चार लोगों की मौत हो गई। इस मामले में एसपी अंकित मित्तल ने थाने के बीट प्रभारी दरोगा समेत दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। आईजी के. सत्यनारायण ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। शराब तो देशी ठेके की थी पर शराब पीने से मौत होने की पूरी आशंका है, लेेकिन जहरीली होने के अभी प्रमाण नहीं हैं। परचून की दुकान व शराब के ठेके से बची शराब के पाउच व बोतलों को बरामद कर जांच के लिए भेजा गया है। इनकी मौत ओवरडोज, खाली पेट पीना या एक्सपायरी डेट की शराब होना भी कारण हो सकता है। इस मामले में कोई लापरवाही नहीं होगी। जांच के बाद बडे़ अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी ने गांव की परचून की दुकान से शराब खरीदकर पी थी। यह पार्टी शुक्रवार व शनिवार दो दिन चली थी। जिसमें सीताराम की मौत पहले ही गांव में हो गई थी। परिजनों ने शनिवार की सुबह अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही गांव के बाहर सीताराम का अंतिम संस्कार कर दिया था। मुन्ना सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेजा गया है। जबकि अन्य दो सत्यम व दुर्विजय के शव का कौशांबी जिले में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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