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रॉयल्टी चोरी, करोंड़ों का राजस्व घाटा

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चित्रकूट। जिले के ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाली खनिज सामग्री में रॉयल्टी चोरी का करोड़ों रुपये का घोटाला होने का आरोप लगा है। ग्राम पंचायत में शासनादेश के मुताबिक रॉयल्टी नहीं जमा की गई। जिले के कई ब्लाक में करोड़ों रुपये की धनराशि जिम्मेदारों ने मिलकर हजम कर ली। इसकी कानोंकान किसी को भनक तक नहीं लगी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने मामले की लखनऊ शासन में शिकायत की तो एडीएम ने सभी ब्लाक से इसका रिकार्ड तलब किया। अभी तक किसी ने इसका जवाब नहीं दिया है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. रमेश चंद्र पटेल ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के सचिव को मामले की जानकारी दी है। रॉयल्टी घोटाला कर सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। इस मामले की पूरी आख्या मंगाकर जांच कराई जाए। उन्होंने बताया कि जिले के सभी ब्लाकों में इस तरीके से लगभग दस करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य के शिकायती पत्र को गम्भीरता से लेते हुये सचिव ने जिलाधिकारी चित्रकूट को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी लेकिन अभी तक कोई जांच नहीं की गई। एडीएम जीपी सिंह ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर इस करोड़ों रुपये के रॉयल्टी चोरी के आरोपों की जानकारी मांगी है। 19 फरवरी को जारी इस पत्र के संदर्भ में अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अभी कहीं से पूरी जानकारी नहीं मिली है।
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तत्कालीन जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने 23 जनवरी 2016 को ग्रेनाइड, गिट्टी, सैंड स्टोन, मिट्टी, ढोका, स्टोन डस्ट आदि इमारती सामग्री पर रॉयल्टी की दरें शासनादेश के मुताबिक निर्धारित कर सार्वजनिक निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री में जमा कराने के निर्देश जारी किये थे। शासनादेश के अनुसार रॉयल्टी न देने पर 6 गुना रॉयल्टी कटौती के आदेश हैं।
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