सीतापुर में प्रेस वार्ता करते केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डा. महेश चंद्र शर्मा।
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चित्रकूट। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री का मानना है सूखे से कराह रहे बुंदेलखंड का विकास पर्यटन को बढ़ावा देकर ही किया जा सकता है। चित्रकूट समेत समूचे बुंदेलखंड के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों का जीर्णोद्धार कर उन्हे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री की विशेष योजना अंतर्गत रामायण स्तंभ के लिए 170 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। इससे श्रीलंका से लेकर नेपाल और अयोध्या से लेकर चित्रकूट का समग्र विकास होगा।
सोमवार को यहां रामायण मेले का शुभारंभ करने के पहले केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेश चंद्र शर्मा ने चित्रकूटधाम मंडल और सतना के पर्यटन अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होने सीतापुर स्थित श्रीजी भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा यूपी-एमपी की सीमा पर बसे भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट को जल्द फ्री जोन बनाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। दोनों प्रदेश के मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद ही इस संबंध में कोई पहल हो सकती है।
प्रधानमंत्री देश के धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के बेहतर रखरखाव और विकास के लिए चार क्षेत्रों में विकास योजना बनाई है। इसमें रामायण स्तंभ में श्रीलंका से लेेकर नेपाल और भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से लेकर उनकी कर्मभूमि चित्रकूट का रामगमन वन यात्रा के अंतर्गत विकास होगा। इसके लिए केंद्र ने 170 करोड़ रुपये की रकम स्वीकृति कर आवंटित की है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा समूचा बुंदेलखंड सूखे से जूझ रहा है। किसानों से लेकर अन्य सभी वर्ग इससे प्रभावित है। इस गंभीर संकट से निपटने के लिए बुंदेलखंड की अद्वितीय धरोहरों को सहेजकर पर्यटन क्षेत्र में सम्मलित किया जाए। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रवासियों को सूखे से निपटने में मदद मिलेगी।
दो राज्यों की सीमा स्थित चित्रकूट क्षेत्र के विकास के लिए फ्री जोन योजना पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की जाएगी। चित्रकूट को पर्यटन मानचित्र में शामिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए देश के हवाई अड्डों और परिवहन व्यवस्था को सुधारा जाएगा।