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Chitrakoot News: सीमाओं पर रोके वाहन, 10 घंटे भूखे प्यासे श्रद्धालु

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प्रयागराज जाने के लिए मुरका बार्डर पर रोके गये साधन तो पैदल ही चल पड़े श्रद्धालु।  - फोटो : संवाद
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चित्रकूट। प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार की रात मची भगदड़ के बाद जिले की सीमाओं पर कार सहित भारी वाहन रोक दिए गए। ट्रेनों को भी स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया। राजापुर व बरगढ़ से लेकर हनुमान धारा, भरतकूप गुप्त गोदावरी आदि स्थलों पर 30 हजार से अधिक वाहन खड़े रहे। इससे कई जगह श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश रहा। पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। श्रद्धालु करीब 10 घंटे बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बैठे रहे। प्रयागराज की ओर से आने वाले वाहन ही केवल जिले की सीमा में घुस पा रहे थे।
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सीन-एक
समय : दोपहर 12 बजे
चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन
चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन पर जाने और आने के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। प्रवेश द्वार से घुसते ही रैन बसेरा है। यहां टिकट काउंटर है। यहां श्रद्धालुओं को रोका गया। ट्रेन आने की सूचना 15 मिनट पहले दी जाती थी, तब श्रद्धालु प्लेटफार्म जाते हैं। दोपहर लगभग 12:20 बजे कानपुर मानिकपुर मेमो के प्लेटफार्म एक पर आने की सूचना पर श्रद्धालुओं को अंदर घुसने दिया गया। बांदा के मटौंध निवासी बलवीर ने बताया कि तीन घंटे से बैठे हैं, कोई ट्रेन नहीं है। शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। कमलू ने बताया कि महोबा जाने के लिए दो घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। अंदर खाने पीने की खास व्यवस्था नहीं है। एक बार अंदर जाने के बाद बाहर निकलना मुश्किल था।
मथुरा के वृंदावन के मंहत कमलदास ने बताया कि ट्रेन के इंतजार में चार घंटे से प्लेटफार्म पर बैठे हैं, लेकिन ट्रेन नहीं आई है। गुजरात के हितेश जोशी ने कहा कि मंगलवार की रात को परिवार के साथ चित्रकूट आ गए थे। पुलिस ने आगे कार नहीं ले जाने दिया। मजबूरी में ट्रेन से प्रयागराज जा रहे हैं। विनोद जोशी ने बताया कि पत्नी के साथ कार से प्रयागराज जा रहे थे। पुलिस ने कार रोककर वापस जाने या ट्रेन से जाने की बात कही है।
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स्टेशन अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि प्लेटफार्म पर भीड़ न बढ़े, इसके इंतजाम किए गए हैं। सभी को रैन बसेरा में रुकने की व्यवस्था की गई है। ट्रेन आने की सूचना पर ही प्लेटफार्म पर जाने दिया जा रहा है।

घंटों किया इंतजार, नहीं जा पाए प्रयागराज
सीन-दो
समय: दोपहर 1 बजकर 30 मिनट
बस स्टैंड कर्वी
शहर के बस स्टैंड पर सुबह सात बजे ही प्रयागराज जाने वाली बसों को रोक दिया गया। इससे श्रद्धालु परेशान रहे। श्रद्धालु बस स्टैंड पर ही बैठे रहे। प्रयागराज जाने वाली बसों को राजापुर, बरगढ़, गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा, अतर्रा, भरतकूप बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, लालता रोड, बरगढ़, देवांगना घाटी के पहले ही रोक दिया गया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर लगभग दस किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। जालौन के अरुण सिंह ने कहा कि प्रयागराज जाने के लिए सुबह नौ बजे से बस के इंतजार में बैठे हैं। बस आने की सूचना भी नहीं दी जा रही है। मऊ निवासी सुरेश कुमार ने कहा कि भगवान कामतानाथ की परिक्रमा करके आठ बजे सुबह बस स्टैंड आ गए थे। तब से बैठे हैं।
इसी तरह ताड़ी निवासी रामदयाल ने बताया कि नौ बजे से बस स्टैंड में बैठा हूं। बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। बस स्टैंड इंचार्ज प्रेमलाल सिंह ने बताया कि सुबह सात बजे ही बसों को रोकने का आदेश मिल गया था। इसके बाद कोई बस प्रयागराज नहीं गई है।

आठ-आठ घंटे तक ट्रेनें लेट
ग्वालियर से प्रयागराज होते हुए बनारस जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस आठ घंटा 15 मिनट लेट थी। उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस एक घंटा, महाकौशल एक्सप्रेस पांच घंटा, बरौनी अहमदाबाद एक घंटा लेट थी। प्रयागराज से बांदा की ओर जाने वाली गरीब रथ दो घंटा, बुंदेलखंड सात घंटा 50 मिनट, बेतवा एक्सप्रेस दो घंटा 20 मिनट लेट थी। मेला स्पेशल ट्रेनें का कोई समय निर्धारित नहीं है।

इनसेट

जाम से निपटने के लिए बुलाए एनसीसी कैडेट
शहर में सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर एक बजे पुलिस यातायात कंट्रोल करने में असमर्थ होने लगी तो चित्रकूट इंटर काॅलेज के एनसीसी कैडेटों को धनुष चौराहा, पटेल चौक, पुरानी कोतवाली, बेड़ी पुलिया, सीतापुर चौराहा पर लगाया गया। जो दिनभर यातायात पुलिस के साथ डटे रहे और वाहनों को डायवर्जन करने में पुलिस की मदद करते रहे।
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