चित्रकूट।पिछले तीन दिनों तक रूक-रूककर बेमौसम बारिश से किसानों की धान समेत बोई गई दलहनी, तिलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों के अरमानों में पानी फिर गया। खेतों व खलिहान में पानी भरने से धान की फसल खराब हो गई है। अब खराब हुई धान की फसलों को लेकर किसान अधिकारियों के यहां पहुंचने लगे हैं। जिस पर डीएम पुलकित गर्ग ने कृषि विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही उनसे बारिश से हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट भी तलब की है।
जिले में इस बार धान सहित बाजार व ज्वार की अच्छी फसल हुई है। किसान फसल को काटने में जुटे थे। इसी बीच बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। खलिहानों में रखी फसल भीग गई। इससे प्रभाव से दाने काले पड़ने की संभावना बढ़ गई। उधर, अरहर की खड़ी फसल में जल जमाव से भी नुकसान की संभावना बढ़ गई है। प्रगतिशील किसान शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि उन्होंने सात बीघा में धान की फसल की लगाई थी। फसल पूरी तरह से पक गई थी। बारिश होने से फसल खराब हो गई। बरवारा के किसान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने भी पांच बीघे में धान फसल बोई थी। बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ।
बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा पाने के लिए किसान कृषि विभाग गए तो जिम्मेदारों ने नुकसान न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। फिर क्या था कि किसान धान की फसल लेकर डीएम तक पहुंच गए और बालीयुक्त धान की पौधे को दिखाकर मुआवजा दिलाने की मांग रखी। डीएम को दिए पत्र में गढ़ीवा सहित भारतपुर के किसानों ने हुए नुकसान की जानकारी ली। संग्रामपुर के किसान संत गोपाल,बनाड़ी के जगमोहन, भौरी के श्याम लाल पौधे लेकर डीएम से हुए नुकसान की जानकारी ली। इसके डीएम बनाड़ी गांव फसल के नुकसान की जानकारी करने के लिए गए थे।
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डीएम ने हुए नुकसान की समीक्षा की
चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग ने बारिश से हुए नुकसान के संबंध में समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में की।राजस्व एवं कृषि अधिकारियों को आदेश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए। डीएम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि 4 नवंबर 2025 तक प्रत्येक दशा में भुगतान की कार्रवाई पूर्ण कर ली जाए। साथ ही बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1447 का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर ले। (संवाद)
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कराया जा रहा सर्वे
चित्रकूट। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। राजस्व विभाग व कृषि विभाग की टीम सर्वे कर रही है। धान की फसल 35 हजार हेक्टेयर में व ज्वार की फसल 2613 हेक्टयर, बाजरा की फसल 12224 हेक्टेयर अरहर की फसल 17350 हेक्टेयर में लगी है। बारिश होने से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान हुआ है। (संवाद)
28 सीकेटीपी-6- परिचय- डीएम की चौखट में खराब धान की फसल लेकर पहुंचे किसान। संवाद- फोटो : udhampur news