जिले के सभी शस्त्रधारकों के यूनीक आइडेंटीफिकेशन नंबर (यूआईएन) का आवंटन कार्य गुरुवार को देर रात तक चला। दावा किया गया है कि जिले के दस हजार से अधिक शस्त्रधारकों को यूआईएन आवंटित कर दिया गया है। महज आधा दर्जन को यूआईएन आवंटित करना बाकी है।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा के सख्त आदेश के बाद सभी शस्त्रधारकों को यूआईएन आवंटित करने के लिए आवेदन करने के निर्देश जारी किए गए थे। आदेश के तहत 31 मार्च तक अगर उन्हें यूआईएन आवंटित नहीं होता है तो एक अप्रैल से शस्त्र लाइसेंस अवैध घोषित कर दिए जाएंगे।
जिसके बाद शस्त्र धारकों का डाटा आनलाइन अपलोड करने में तेजी आई। 31 मार्च की रात तक यह काम चलता रहा। लिपिक इश्तियाक अहमद ने बताया कि जिले में 10,562 लाइसेंस धारक हैं। जिनमेें सिर्फ छह शस्त्रधारकों का पंजीयन नहीं हो पाया है। यह वह शस्त्रधारक हैं, जिनकी शस्त्र की दुकानें हैं। संभावना थी कि एक अप्रैल तक आनलाइन डाटा फीडिंग होगी लेकिन अचानक 31 मार्च को अंतिम तिथि घोषित कर दी, जिससे छह शस्त्रधारक आनलाइन नहीं हो पाए हैं।